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स्पोर्ट्स डेस्क : T20 वर्ल्ड कप 2026 से ठीक पहले पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए तीसरे टी20 मैच की एक वायरल स्टंपिंग ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर सामने आए स्लो-मोशन वीडियो में दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तानी विकेटकीपर ख्वाजा नफे ने ICC के नियमों का उल्लंघन किया, फिर भी बल्लेबाज़ को आउट दे दिया गया।

क्या है पूरा विवाद?

लाहौर में खेले गए तीसरे टी20I में ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज़ कूपर कॉनॉली को मोहम्मद नवाज़ की गेंद पर स्टंप आउट दिया गया। मैदान पर अंपायरों ने तुरंत उंगली उठा दी, लेकिन बाद में आए रिप्ले ने कहानी बदल दी।

वायरल वीडियो में क्या दिखा?

स्लो-मोशन फुटेज में साफ दिखता है कि: विकेटकीपर ने दाएं हाथ में गेंद पकड़ी हुई थी, लेकिन बाएं हाथ से बेल्स गिराईं, यहीं से विवाद शुरू हुआ, क्योंकि ICC के नियम इसके उलट कुछ और कहते हैं।

ICC का नियम क्या कहता है? (सरल शब्दों में)

ICC मेन्स T20I प्लेइंग कंडीशंस के क्लॉज 29.2.1 के अनुसार: विकेट तभी सही तरीके से टूटता है, जब जिस हाथ से बेल्स गिराई जाएं, उसी हाथ में गेंद हो। इस मामले में गेंद उस हाथ में नहीं थी जिससे विकेट तोड़ा गया। नियम के मुताबिक, यह फेयर स्टंपिंग नहीं मानी जाती और बल्लेबाज़ को नॉट आउट दिया जाना चाहिए था।

मैच पर क्या पड़ा असर?

ऑस्ट्रेलिया पहले से ही संघर्ष कर रहा था (82/6) इस फैसले के बाद स्कोर हुआ 82/7,पूरी टीम 96 रन पर ऑलआउट,यह ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी T20I हारों में से एक रही, हालांकि पाकिस्तान की जीत पर यह विवाद भारी पड़ गया।

T20 वर्ल्ड कप से पहले क्यों अहम है यह मामला?

वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले यह घटना कई सवाल खड़े करती है:

क्या स्टंपिंग जैसे फैसलों की ऑफ-फील्ड समीक्षा जरूरी है?
हाई-प्रेशर मैचों में अंपायरिंग स्टैंडर्ड कितने मजबूत हैं?
एक गलत फैसला नेट रन रेट, क्वालिफिकेशन और नॉकआउट समीकरण बदल सकता है

विशेषज्ञों की राय

पूर्व अंपायरों और विश्लेषकों का मानना है कि:

रन-आउट की तरह स्टंपिंग की भी समीक्षा होनी चाहिए
साफ कैमरा एंगल होने के बावजूद गलती होना नियमों की खामी दिखाता है
ICC को वर्ल्ड कप से पहले इस पर स्पष्ट गाइडलाइन जारी करनी चाहिए

ऑस्ट्रेलिया की खराब सीरीज की पृष्ठभूमि

ऑस्ट्रेलिया इस दौरे पर पहले ही 3-0 से सीरीज हार चुका था। स्पिन के खिलाफ कमजोरी उजागर हुई और यह विवाद उसी निराशाजनक दौरे का प्रतीक बन गया।