स्पोर्ट्स डेस्क : कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का पदकों का खाता खुल गया है। भारतीय पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने ग्लासगो में आयोजित पुरुषों की हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर देश को पहला मेडल दिलाया। उनकी इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने पूरे देश को गौरवान्वित किया है।
पीएम मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर झंडू कुमार की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'झंडू कुमार का शानदार प्रदर्शन। उन्होंने पुरुषों की हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का पदक खाता खोला है। उन्हें बहुत-बहुत बधाई। उनकी उपलब्धि अद्भुत ताकत, अटूट संकल्प और वर्षों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने हर चुनौती को पार कर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया है और करोड़ों भारतीयों को प्रेरित किया है।'
190 किलो वजन उठाकर जीता कांस्य
झंडू कुमार ने प्रतियोगिता में 190 किलोग्राम का सफल लिफ्ट करते हुए 130.9 अंक हासिल किए और कांस्य पदक अपने नाम किया।उन्होंने पहले प्रयास में 181 किलोग्राम वजन उठाया, जिससे उन्हें 124.7 अंक मिले। दूसरे प्रयास में उन्होंने 190 किलोग्राम उठाकर कुछ समय के लिए बढ़त भी हासिल कर ली।
गोल्ड के लिए लगाया बड़ा दांव
स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद में झंडू कुमार ने अंतिम प्रयास में 196 किलोग्राम वजन उठाने का फैसला किया। अगर वह इसमें सफल हो जाते तो बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड भी टूट जाता। हालांकि वह इस प्रयास में सफल नहीं हो सके और अंततः कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
भारत का पहला पदक और ऐतिहासिक उपलब्धि
झंडू कुमार का यह कांस्य पदक कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का पहला पदक है। साथ ही यह इस संस्करण में पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत का पहला पोडियम फिनिश भी साबित हुआ।
अन्य भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन
पुरुषों की लाइटवेट स्पर्धा में अशोक ने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 200 किलोग्राम वजन उठाया और 143.8 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहे। वह बेहद कम अंतर से पदक जीतने से चूक गए। वहीं परमजीत कुमार ने 176 किलोग्राम वजन उठाकर सातवां स्थान हासिल किया।
महिलाओं की लाइटवेट स्पर्धा में जसप्रीत कौर और सुमन देवी दोनों ने 100 किलोग्राम का सफल लिफ्ट किया। जसप्रीत छठे और सुमन सातवें स्थान पर रहीं। महिलाओं की हेवीवेट स्पर्धा में कस्तूरी राजमणि अपने तीनों प्रयासों में सफल लिफ्ट नहीं कर सकीं और बिना वैध लिफ्ट के प्रतियोगिता समाप्त करनी पड़ी।