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स्पोर्ट्स डेस्क : भारत की टॉप बैडमिंटन खिलाड़ियों की लिस्ट में एक नया नाम जुड़ गया है। ये नाम 16 वर्षीय तस्नीम मीर का है जिसने अंडर-19 बीडब्ल्यूएफ गर्ल्स सिंगल्स में नंबर रेंक हासिल कर इतिहास रच दिया। वह जूनियर स्तर पर दुनिया की नंबर-1 बेडमिंटन खिलाड़ी बन गई है। इससे पहले कोई भारतीय खिलाड़ी इस मुकाम को हासिल नहीं कर पाया जिसमे पीवी सिंधु, साइना नेहवाल जैसी दिग्गज खिलाड़ी का भी नाम शामिल है। बता दें कि पीवी सिंधू जब अंडर-19 में खेलती थीं तो वह भी नंबर-2 की रैंकिंग ही हासिल कर पाई थी। 

गुजरात के मेहसाणा की रहने वाली तस्नीम ने महिला एकल जूनियर विश्व रैंकिंग में 10,810 अंक हासिल किए। तस्नीम 7 साल की उम्र से ही बेडमिंटन खेल रही है। गुजरात पुलिस में कार्यरत तस्नीम के पिता इरफान मीर भी बैडमिंटन कोच और पूर्व खिलाड़ी रहे हैं। उन्होने ही तस्नीम का बेडमिंटन से परिचय कराया। तस्नीम ने बताया, जब मेरी उम्र 7 साल की उम्र थी, तब मैं अपने पिता के साथ बैडमिंटन देखने स्टेडियम जाती थी। शुरुआत में मैंने बैडमिंटन मनोरंजन के लिए खेलना शुरू किया, खेल मैं अच्छी होने के कारण बाद में मैंने अपने पिता के साथ अभ्यास करना शुरू कर दिया। वह मेरे पहले बैडमिंटन साथी रहे और उनके साथ ही मेरा पहला बैडमिंटन मैच भी था। 

अपनी इस कामयाबी पर तस्नीम ने कहा कि वह इस खबर को सुनकर चौंक गई थी क्योंकि उन्होने कभी भी दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी बनने के बारे में सोचा नहीं था। उन्होने बताया कि पिछली बार उनकी रेंकिंग 2 आई थी और उन्हे इस बार भी रेंकिंग 2 मिलने की ही उम्मीद थी। लेकिन टूर्नामेंटों के मिले अंकों के जुडने से वह रेंकिंग-1 हासिल कर पाई। तस्नीम की इस कामयाबी पर उनका परिवार बहुत खुश है। 

तस्नीम ने बताया कि उनकी इस कामयाबी से उनके पिता बहुत खुश है। दरअसल मेहसाणा, गुजरात से कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं है जिसे यह सम्मान मिला हो, इसलिए मेरे माता-पिता न केवल खुश है बल्कि मुझ पर गर्व भी करते हैं क्योंकि मैं अपनी कड़ी मेहनत से दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी बनी हूं, अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धा करना काफी कठिन होता है और मैंने इसके लिए कड़ी मेहनत की थी। 

तस्नीम की इस कामयाबी से गुजरात पुलिस भी खुश है। गुजरात पुलिस के डीजीपी आशीष भाटिया ने तस्नीम को ट्वीट कर बधाई दी। ट्वीट में उन्होने लिखा, एएसआई मेहसाणा पुलिस के इरफान मीर की बेटी तस्नीम मीर को बैडमिंटन में जूनियर विश्व रैंकिंग में पहला स्थान हासिल करने के लिए बधाई। कई और मील के पत्थर आने वाले हैं। इसके अलावा गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष धनराज नाथवानी और रेल और कपड़ा राज्य मंत्री दर्शन जरदोश ने भी तस्नीम की प्रशंसा की। 

तस्नीम का ये सफर कभी आसान नहीं रहा। एक समय ऐसा भी आया था जब उनके पिता ने आर्थिक तंगी के चलते तस्नीम का खेल बंद कराने का फैसला लिया था। लेकिन स्पोंसरशिप की वजह से वह आगे खेल पाई। तस्नीम फिलहाल असम बैडमिंटन अकादमी में स्टारलेट इंडोनेशियाई कोच एडविन इरियावान से ट्रेनिंग ले रही है। तस्नीम ने इससे पहले बुल्गारिया, फ्रांस और बेल्जियम में तीन खिताब जीते थे। 

14 साल की उम्र में ही उन्होने अंडर-19 राष्ट्रीय जूनियर चैंपियनशिप जीती थी। इसके अलावा उन्होंने अंडर-13, अंडर-15 और अंडर-19 लड़कियों के सिंगल्स भी जीते। 2018 में वह हैदराबाद और नागपुर में अखिल भारतीय सब-जूनियर रैंकिंग टूर्नामेंट में अंडर -15 सिंगल्स और डबल्स के खिताब भी जीत चुकी है। तस्नीम अब अगले महीने ईरान और युगांडा में होने जा रहे टूर्नामेंटों की तैयारी में जुटी है जिसके लिए वह अब अपनी रैंकिंग में सुधार चाहती है। तस्नीम को उम्मीद है कि वह साल के अंत तक टॉप 200 में शामिल हो जाएगी। 

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