Sports

मुंबई: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने वनडे विश्व कप जीत के पीछे महिला प्रीमियर लीग (WPL) और अपनी फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियंस को बड़ी वजह बताया है। हरमनप्रीत का मानना है कि WPL और मुंबई इंडियंस के माहौल ने उनके भीतर जीत की मानसिकता विकसित की, जिसका सीधा फायदा भारतीय टीम को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिला।

WPL ने बदली सोच, जीत को बनाया प्राथमिकता

डब्ल्यूपीएल में मुंबई इंडियंस को दो बार खिताब दिला चुकी हरमनप्रीत ने कहा कि इस लीग ने उनकी सोच में बड़ा बदलाव किया है। मुंबई इंडियंस द्वारा आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि मैं अब जहां भी जाती हूं, वहां जीत के बारे में ही सोचती हूं। भागीदारी तो हम बरसों से कर रहे हैं, लेकिन जीत की सोच के साथ उतरना और उसी दिशा में काम करना बहुत बड़ा फर्क पैदा करता है। WPL ने मेरी सोच बदली है।'

मुंबई इंडियंस का विजेता कल्चर

हरमनप्रीत ने मुंबई इंडियंस की संस्कृति की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, 'मुंबई इंडियंस कई सालों से आईपीएल खिताब जीतती आ रही है। इस टीम से जुड़ने के बाद मेरे भीतर भी वही विजेता मानसिकता आई। टीम मीटिंग्स में हमेशा यही चर्चा होती है कि हम विपक्षी टीम को कैसे हरा सकते हैं और ट्रॉफी कैसे जीत सकते हैं।'

उनके मुताबिक, यही सोच बाद में भारतीय महिला टीम में भी देखने को मिली, जिसने वनडे विश्व कप जीतने में अहम भूमिका निभाई।

नई कोच लीसा नाइटले की प्रतिक्रिया

मुंबई इंडियंस की नई मुख्य कोच लीसा नाइटले ने भी WPL और घरेलू क्रिकेट के स्तर को भारतीय टीम की सफलता का बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा, 'भारत के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को विश्व कप से पहले उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा मिल रही है। खिलाड़ी दबाव में खेलना सीख रहे हैं और यही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रदर्शन को निखारता है।'

घरेलू क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय सफलता तक

लीसा नाइटले ने आगे कहा कि जब घरेलू टूर्नामेंटों का स्तर ऊंचा होता है, तो उसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दिखता है। 'अगर घरेलू स्पर्धाओं में इतनी मजबूत प्रतिस्पर्धा हो, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन बेहतर होना तय है। हमने इसका नतीजा देखा—भारत ने 50 ओवरों का विश्व कप जीत लिया।'