Sports

स्पोर्ट्स डेस्क : भारत के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर का मानना ​​है कि अफगानिस्तान के खिलाफ शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के बाद डेब्यू करने वाले स्पिनर मानव सुथार ने भारत की टेस्ट टीम में नियमित जगह बनाने के लिए एक गंभीर दावेदार के तौर पर काफी उम्मीदें जगाई हैं। इस युवा बाएं हाथ के स्पिनर ने भारत को एकमात्र टेस्ट मैच में मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए 28 रन बनाए और गेंदबाजी में मात्र 33 रन देकर 6 विकेट चटकाए। 

गावस्कर सुथार के संयम और दोनों विभागों (बल्लेबाजी और गेंदबाजी) में उनके असरदार प्रदर्शन से काफी प्रभावित थे। उन्होंने कहा कि इस युवा खिलाड़ी ने ऐसे गुण दिखाए हैं जो उन्हें शीर्ष स्तर पर बहुत काम आ सकते हैं। गावस्कर ने जियोस्टार से कहा, 'सबसे खास बात सिर्फ उनकी गेंदबाजी नहीं थी, बल्कि बल्लेबाजी के दौरान उनका आत्मविश्वास भी था, खासकर जिस तरह से उन्होंने अपने पैरों का इस्तेमाल किया और क्रीज पर सहज दिखे।' 

गावस्कर ने कहा, 'गेंदबाजी में वे बेहद सटीक थे और लगातार बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। पिच से थोड़ी मदद मिल रही थी जिसका उन्होंने अच्छा फायदा उठाया, लेकिन किसी भी स्पिनर की असली परीक्षा सपाट पिचों पर होती है, जहां अधिक विविधता और अनुकूलन क्षमता की जरूरत होती है।' यह मानते हुए कि आगे और भी कठिन चुनौतियां हैं, गावस्कर को लगा कि सुथार ने अपने टेस्ट करियर की बहुत उत्साहजनक शुरुआत की है। उन्होंने कहा, 'इसके बावजूद यह एक बहुत ही उत्साहजनक डेब्यू था और उन्होंने भविष्य में टेस्ट स्तर पर एक मजबूत दावेदार बनने के गुण दिखाए हैं।' 

इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर ग्रीम स्वान ने भी सुथार की परिपक्वता और रणनीतिक समझ की तारीफ की और गौर किया कि कैसे यह डेब्यू करने वाला खिलाड़ी बहुत जल्दी मुकाबले में जम गया। स्वान ने कहा, 'मानव सुथार का प्रदर्शन शानदार था क्योंकि अपने टेस्ट करियर की पहली ही गेंद से वे पूरी तरह नियंत्रण में दिखे। किसी भी नए स्पिनर के लिए घबराहट होना स्वाभाविक है, लेकिन उन्होंने तुरंत सही लाइन-लेंथ पकड़ी, गेंद को बेहतरीन तरीके से स्पिन कराया और 'डिप' और 'टर्न' दोनों हासिल किए।' 

स्वान ने सुथार के स्पेल के दौरान अपनी रणनीति को बदलने की काबिलियत को उनके शानदार प्रदर्शन की एक अहम खूबी बताया। उन्होंने कहा, 'मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित उनकी यह काबिलियत लगी कि स्पेल के आगे बढ़ने के साथ-साथ उन्होंने खुद को ढाला। शुरुआत में वह ऑफ-स्टंप लाइन के आसपास अटैक कर रहे थे, लेकिन जल्द ही उन्होंने पिच से मिल रहे टर्न को भांप लिया और अपनी लाइन को सीधा कर लिया, जिससे बल्लेबाजों को ज्यादा शॉट खेलने पर मजबूर होना पड़ा। पूरे स्पेल के दौरान लेंथ पर उनका कंट्रोल जबरदस्त था और रणनीति में किए गए उस बदलाव ने विकेट लेने के मौके बनाने में अहम भूमिका निभाई। विकेट लेने के अलावा, उन्होंने जो समझदारी, संयम और निरंतरता दिखाई, वह काबिले-तारीफ थी।' 

NO Such Result Found