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स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय टी20 टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में एक ऐसा रिकॉर्ड बनाने की दहलीज पर हैं, जो पिछले 88 साल से कोई कप्तान नहीं तोड़ पाया है। बल्लेबाजी नहीं, बल्कि टॉस के जरिए अय्यर इतिहास रचने के बेहद करीब पहुंच गए हैं।

हरारे में पहले टी20 मैच में टॉस जीतने के साथ ही श्रेयस अय्यर ने कप्तान के तौर पर लगातार आठवीं बार टॉस अपने नाम किया। अब अगर वह दूसरे टी20 में भी टॉस जीत जाते हैं तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने शुरुआती नौ मुकाबलों में लगातार टॉस जीतने वाले पहले कप्तान बन जाएंगे।

88 साल पुराना रिकॉर्ड टूटने की कगार पर

श्रेयस अय्यर ने पहले टी20 में टॉस जीतकर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान वॉली हैमंड के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। हैमंड ने 1930 के दशक के आखिर में कप्तानी की शुरुआत करते हुए लगातार आठ टॉस जीते थे। अब दूसरे टी20 में एक और टॉस जीतते ही अय्यर 88 साल पुराने इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगे।

पहले ही तोड़ चुके हैं दो बड़े रिकॉर्ड

हरारे में टॉस जीतने के साथ ही अय्यर ने दो खास उपलब्धियां भी अपने नाम कर लीं। वह पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कप्तान बनने के बाद शुरुआती आठों मैचों में टॉस जीतने वाले पहले कप्तान बन गए।
उन्होंने बहामास के ग्रेगरी टेलर का लगातार सात टॉस जीतने का रिकॉर्ड तोड़ा। साथ ही उन्होंने भारत के लिए एमएस धोनी के लगातार सात टी20 टॉस जीतने के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। धोनी ने 2010 से 2012 के बीच यह कारनामा किया था, जबकि विराट कोहली और रोहित शर्मा क्रमश: छह और पांच मैचों तक लगातार टॉस जीत सके थे।

पहली जीत के बाद इतिहास रचने का मौका

श्रेयस अय्यर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 में बतौर कप्तान अपनी पहली जीत भी दर्ज की। भारत ने मुकाबला सात विकेट से अपने नाम किया और अब दूसरे मैच में सीरीज जीतने के साथ-साथ अय्यर के पास इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराने का सुनहरा मौका होगा।