Sports

नई दिल्ली : पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर (Shoaib akhtar) का मानना है कि सलामी बल्लेबाज के रूप में पहले टेस्ट की दोनों पारियों में शतक के बाद रोहित शर्मा (Rohit Sharma) का टेस्ट करियर आगे ही बढ़ेगा जबकि तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) रिवर्स स्विंग के बादशाह बन सकते हैं। अख्तर को मलाल है कि किसी पाकिस्तानी तेज गेंदबाज ने उनसे सलाह नहीं मांगी जबकि मोहम्मद शमी जैसे भारतीय तेज गेंदबाजी को लेकर उनके संपर्क में हैं।

मोहम्मद शमी की गेंदबाजी 

mohammed shami photo, mohammed shami image

शोएब अख्तर ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले मोहम्मद शमी को उन्होंने रिवर्स स्विंग को खतरनाक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा- भारत की विश्व कप (50 ओवर के) में निराशा के बाद एक दिन शमी ने मुझे फोन किया और कहा कि वह दुखी है कि भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सका। मैंने उसे कहा कि मायूस मत हो और फिटनेस बरकरार रखो। घरेलू श्रृंखला आ रही है और मैं कह रहा हूं कि तुम अच्छा प्रदर्शन करोगे।

मोहम्मद शमी रिवर्स स्विंग का बादशाह 

shoaib akhtar photo, shoaib akhtar image

शोएब अख्तर ने कहा- मैंने शमी को कहा कि मैं चाहता हूं कि वह तूफानी गेंदबाज बने जो बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर दे। उसके पास स्विंग और सीम है, इसके अलावा उसके पास रिवर्स स्विंग की कला भी है जो उपमहाद्वीप में बेहद कम गेंदबाजों के पास है। मैंने उसे कहा कि वह रिवर्स स्विंग का बादशाह बन सकता है। पाकिस्तान के लिए 1997 से 2007 के बीच 46 टेस्ट में 178 विकेट चटकाने वाले 44 साल के अख्तर ने कहा कि अब आप देखिए कि उसने क्या किया है, उसे बेजान पिच (विशाखापत्तनम में) पर विकेट हासिल किए। मैं उसके लिए बहुत खुश हूं।

शोएब अख्तर से ली मोहम्मद शमी ने मदद 

mohammed shami photo, mohammed shami image

शोएब अख्तर ने कहा कि वह पाकिस्तानी तेज गेंदबाजों को सलाह देने को तैयार हें लेकिन कोई मदद की मांग नहीं कर रहा। उन्होंने कहा कि दुखद है कि हमारे पाकिस्तानी तेज गेंदबाज मेरे से नहीं पूछ रहे कि वे कैसे अपनी गेंदबाजी में सुधार कर सकते हैं लेकिन शमी जैसे भारतीय गेंदबाज ऐसा कर रहे हें। जहां तक मेरे देश का सवाल है यह दुखद स्थिति है। अख्तर ने साथ ही विराट कोहली को गेंदबाज का कप्तान भी करार दिया।

.
.
.
.
.