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नई दिल्ली : कोलकाता नाइट राइडर्स के दिनेश कार्तिक ने आबू धाबी के मैदान पर मैच शुरू से पहले ही कप्तानी छोड़ दी। कार्तिक ने इयोन मोर्गन को नए कप्तान के रूप में चुना। इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर खूब चर्चाएं हुईं। आखिर जीत की पटरी पर लौट चुकी कोलकाता को अचानक कप्तान क्यों बदलना पड़ा या दिनेश ने यह फैसला क्यों लिया। बहरहाल, आपको बता दें कि मिड सीजन में बदले कप्तान अक्सर सफल नहीं हो पाते हैं। अगर आंकड़े देखें तो पता चलता है कि 87 फीसदी कप्तान कभी मिड सीजन में सफल नहीं हो पाए हैं।

टीम                                 साल        स्विच                              पोजीशन
दिल्ली डेयरडेविल्स             2012      संगाकारा-व्हाइट               8वां/9
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु         2012      विटोरी-विराट कोहली         5वां/9
मुंबई इंडियंस                     2013      पोंटिंग-रोहित शर्मा           चैम्पियन
सनराइजर्स हैदराबाद           2014      शिखर धवन-सैमी            6वां/8
किंग्स इलेवन पंजाब           2016      डेविड मिलर-विजय          आखिरी
दिल्ली डेयरडेविल्स            2018      गौतम गंभीर-अय्यर         आखिरी
राजस्थान रॉयल्स              2019      अजिंक्य रहाणे-स्मिथ      7वां/8
कोलकाता नाइट राइडर्स     2020      दिनेश काॢतक-मोर्गन        --/8

आंकड़े देखें तो पता चलता है कि केवल 2013 में मुंबई इंडिंयस ही मिड सीजन कप्तान बदलने के बाद खिताब जीत पाई थी। तब मुंबई की कमान रिकी पोंटिंग के पास थी। उनके टूर्नामेंट से हटने के बाद रोहित शर्मा को कमान मिली थी और रोहित ने अपनी टीम को चैम्पियन बनाया था। 

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