स्पोर्ट्स डेस्क : दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी ने खुलासा किया है कि उनके टी20 करियर का असली टर्निंग पॉइंट इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं, बल्कि इंडियन प्रीमियर लीग के नेट्स रहे। 2018 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ बिताया गया समय उनके लिए सीखने का बड़ा मौका साबित हुआ। खास तौर पर ड्वेन ब्रावो से स्लोअर बॉल की बारीकियां सीखने के बाद उनका गेंदबाजी अंदाज पूरी तरह बदल गया। टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ उनका हालिया स्पेल इसी बदलाव की झलक पेश करता है।
2018 IPL: सीखने का साल
IPL 2018 सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा रहे लुंगी एनगिडी के लिए वह साल मैचों से ज्यादा अभ्यास और अवलोकन का था। उन्होंने स्वीकार किया कि उस सीजन में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले, लेकिन नेट्स में बिताए गए समय ने उनकी गेंदबाजी को नई दिशा दी। खासकर ड्वेन ब्रावो की स्लोअर बॉल तकनीक को करीब से देखने और सीखने का मौका उनके करियर का अहम मोड़ साबित हुआ।
स्लोअर बॉल बनी मुख्य हथियार
एनगिडी ने बताया कि उन्होंने स्लो बॉल यॉर्कर, बैक ऑफ लेंथ स्लोअर डिलीवरी और स्लो बाउंसर जैसे वैरिएशन पर लगातार काम किया। उन्होंने कहा कि एक ही एक्शन से अलग-अलग लेंथ और गति निकालना आसान नहीं होता, लेकिन अभ्यास से यह उनकी ताकत बन गया। बल्लेबाज के लिए अगली गेंद का अंदाजा लगाना मुश्किल करना ही उनका लक्ष्य रहता है। दक्षिण अफ्रीका लौटने के बाद उन्होंने इस कला को और निखारा, जिससे वह टी20 प्रारूप में अधिक प्रभावी गेंदबाज बन सके।
भारत के खिलाफ रणनीति
टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मुकाबले में एनगिडी ने चार ओवर में सिर्फ 15 रन दिए और 10 डॉट बॉल डालीं। हालांकि उन्हें विकेट नहीं मिला, लेकिन उन्होंने दबाव बनाकर अहम भूमिका निभाई। उन्होंने वाइड यॉर्कर और लेग कटर का शानदार मिश्रण किया। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव को उनकी गेंदों की दिशा और गति समझने में दिक्कत हुई। एनगिडी ने कहा कि उन्होंने जानबूझकर ऑफ-कटर की जगह लेग कटर का इस्तेमाल किया, ताकि बल्लेबाज़ की तैयारी को भांपकर उसे चौंकाया जा सके।
‘रडार के नीचे’ रहने का फायदा
एनगिडी का मानना है कि वह अक्सर विरोधी टीम की रणनीति का मुख्य फोकस नहीं होते, और यही उनके लिए फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि जब बल्लेबाज़ आपके बारे में कम सोचते हैं, तो आप अपने वैरिएशन का बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं। उनका लक्ष्य विकेट लेने से ज्यादा दबाव बनाना होता है, जिससे बल्लेबाज गलती करने पर मजबूर हो।