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लीड्स (UK) : इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने कहा कि टीम पूर्व कप्तान-कोच जोड़ी बेन स्टोक्स और ब्रेंडन मैकुलम के 'बैजबॉल' क्रिकेट स्टाइल को "पूरी तरह से खत्म" नहीं करेगी। रूट गुरुवार से हेडिंग्ले में पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट के साथ एक नए दौर की शुरुआत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेल के लंबे फॉर्मेट को खेलने का कोई एक ही तरीका नहीं है। 

स्टोक्स-मैकुलम के चार साल के कार्यकाल के बाद रूट की कप्तानी में इंग्लैंड एक नए दौर की शुरुआत करेगा। न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में हार के बाद ऑलराउंडर स्टोक्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की, जबकि मैकुलम भी अपने पद से हट गए। उनकी जगह न्यूजीलैंड के स्टीफन फ्लेमिंग ने ली, जिन्होंने हाल ही में IPL में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के साथ अपना कार्यकाल पूरा किया था। 

रूट ने 65 बार इंग्लैंड की कप्तानी की थी। स्टोक्स-मैकुलम के आने से पहले 2017 से 2022 तक उनके पहले स्थायी कार्यकाल में 17 टेस्ट में उन्हें सिर्फ एक जीत मिली थी। स्टोक्स और मैकुलम ने 'बैजबॉल' क्रिकेट का अल्ट्रा-एग्रेसिव, बेखौफ, पॉजिटिव और रिजल्ट-ओरिएंटेड स्टाइल अपनाया। इस स्टाइल से मिले-जुले नतीजे मिले। इंग्लैंड ने कुछ शानदार जीत हासिल कीं और खिलाड़ियों ने बेहतरीन व्यक्तिगत प्रदर्शन किए, लेकिन वे अपने दो सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वियों (ऑस्ट्रेलिया और भारत) के खिलाफ घरेलू या विदेशी जमीन पर कोई सीरीज़ नहीं जीत पाए। 

इतना ही नहीं बैजबॉल के कारण इंग्लैंड को 2012 के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ अपनी पहली घरेलू सीरीज में भी हार का सामना करना पड़ा। यह हार तब हुई जब इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) की एशेज के बाद की समीक्षा में स्टोक्स और मैकुलम को बनाए रखा गया था और टीम मैदान के बाहर कर्फ्यू विवाद से जूझ रही थी। 

मैच से पहले रूट ने स्काई स्पोर्ट्स से कहा, 'मुझे नहीं लगता कि हमें बहुत कुछ बदलने की जरूरत है। छोटी-छोटी चीजें ही बड़ा फर्क लाएंगी। यह सब कुछ खत्म करने के बारे में नहीं है, मुझे लगता है कि यह उन अच्छी चीजों को बनाए रखने के बारे में है जो हम कुछ समय से कर रहे हैं, जो बेन और बैज ने लंबे समय तक बनाई थीं। मुझे नहीं लगता कि टेस्ट क्रिकेट खेलने का कोई एक ही तरीका है। आपको हालात के हिसाब से ढलना और खेलना होता है। खेल पांचों दिन एक जैसा नहीं रहता, अलग-अलग चुनौतियां आती हैं और आपको खेल के उतार-चढ़ाव के हिसाब से खुद को ढालना पड़ता है।' 

अपनी कप्तानी में वापसी के बारे में बात करते हुए रूट को लगता है कि अब माहौल और सोच बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे कप्तान और कोच के अंडर खेलने के बाद कुछ चीजें ऐसी हो सकती हैं जिन्हें वह अब अलग तरह से करें। उन्होंने कहा, 'हालात अलग हैं। मैं अब वैसा खिलाड़ी और इंसान नहीं रहा जैसा पहली बार कप्तान बनने के समय था। मैं बहुत खुशकिस्मत और खास स्थिति में हूं क्योंकि मेरे पास पीछे मुड़कर देखने के लिए लगभग 60 मैचों का अनुभव है। कुछ चीजें ऐसी हो सकती हैं जिन्हें मैं बदलना या थोड़ा अलग तरीके से करना चाहूंगा। मुझे खेल से दूर रहने, अलग माहौल में, अलग कोच और अलग कप्तान के अंडर खेलने और खेल को अलग नजरिए से देखने का समय मिला। कई मायनों में मुझे लगता है कि मैं इंग्लैंड के किसी भी पुराने कप्तान की तरह ही तैयार हूं; इतना अनुभव होना बहुत कीमती है।' 

रूट ने अपने होम ग्राउंड हेडिंग्ले में खेलने को लेकर उत्साह जताया। वह भारतीय दिग्गज सचिन तेंदुलकर के 15,921 रनों के ऑल-टाइम रिकॉर्ड का पीछा करेंगे। फिलहाल वह 166 टेस्ट मैचों में 41 शतकों के साथ 14,114 रन बना चुके हैं। लीड्स में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है, जहां उन्होंने 11 टेस्ट और 19 पारियों में 44.88 की औसत से 763 रन बनाए हैं, जिसमें दो शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने कहा, 'यह खिलाड़ियों का बहुत प्रतिभाशाली ग्रुप है जो कुछ खास करने में सक्षम है। मैं सच में उत्साहित हूं कि हम इस टीम को कहां तक ​​ले जा सकते हैं।' 

टीमें : 

इंग्लैंड : बेन डकेट, एमिलियो गे, जॉर्डन कॉक्स, जो रूट (कप्तान), हैरी ब्रूक, डैन लॉरेंस, जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), गस एटकिंसन, ब्रायडन कारसे, जोफ्रा आर्चर, शोएब बशीर, ओली पोप, जोश टोंग, सैम कुक, ओली रॉबिन्सन, मैथ्यू फिशर 

पाकिस्तान : अजान अवैस, इमाम-उल-हक, अब्दुल्ला शफीक, शान मसूद, सलमान आगा (कप्तान), मोहम्मद रिजवान (विकेटकीपर), आमिर जमाल, साजिद खान, उबैद शाह, मोहम्मद अब्बास, मोहम्मद अली, खुर्रम शहजाद, गाजी गोरी, सऊद शकील, अब्दुल्ला फजल, अवैस जफर, अली उस्मान।