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नई दिल्ली: भारत ने World Archery Para Series Stage III में शानदार प्रदर्शन करते हुए पेनल्टीमेट दिन दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल अपने नाम किया। पुरुषों की रिकर्व और कंपाउंड टीमों ने स्वर्ण पदक जीते, जबकि महिला रिकर्व टीम को सिल्वर से संतोष करना पड़ा। हालांकि, महिला कंपाउंड टीम ब्रॉन्ज मेडल जीतने से चूक गई।

पुरुष टीमों ने जीते दो गोल्ड

भारत के लिए पुरुषों की टीम स्पर्धाओं में दिन बेहद शानदार रहा। कंपाउंड टीम में विश्व चैंपियन तोमन कुमार और श्याम सुंदर स्वामी ने इराक को 152-139 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। वहीं, डबल पैरालंपिक पदक विजेता हरविंदर सिंह और विजय सुंडी की रिकर्व जोड़ी ने स्लोवाकिया को 6-2 से हराकर भारत की झोली में दूसरा स्वर्ण पदक डाला।

तोमन और श्याम सुंदर की दमदार जीत

श्याम सुंदर स्वामी और तोमन कुमार ने इराक के अब्बास काधिम और अनवर अलदावोद के खिलाफ मुकाबले में शुरुआत थोड़ी धीमी की। भारतीय जोड़ी ने शुरुआती एंड में 8 का स्कोर किया। हालांकि, इसके बाद दोनों ने अपनी लय हासिल कर ली। अगले 12 तीरों में भारतीय जोड़ी ने सिर्फ पांच अंक गंवाए और मुकाबले में मजबूत बढ़त बना ली। इसके बाद तीरों की सटीकता और स्कोरिंग में निरंतरता बनाए रखते हुए तोमन और श्याम सुंदर ने मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण रखा और 152-139 से शानदार जीत दर्ज कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

हरविंदर और विजय ने पिछड़ने के बाद पलटा मैच

रिकर्व टीम इवेंट में हरविंदर सिंह और विजय सुंडी ने स्लोवाकिया के डेविड इवान और डेनिस इवान को 6-2 से हराया। भारतीय जोड़ी ने मुकाबला 34-37, 36-31, 38-34, 35-31 से अपने नाम किया। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहले सेट में टीम ने 7 का स्कोर किया और एक भी 10 नहीं लगा पाई, जिससे स्लोवाकिया ने शुरुआती बढ़त हासिल कर ली। लेकिन इसके बाद भारतीय तीरंदाजों ने अपनी लय पकड़ ली।

हरविंदर सिंह ने संभाली कमान

डबल पैरालंपिक पदक विजेता हरविंदर सिंह ने भारत की वापसी में अहम भूमिका निभाई। वह पैरालंपिक पदक जीतने वाले पहले भारतीय तीरंदाज बने थे। उन्होंने टोक्यो 2020 पैरालंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इसके बाद पेरिस 2024 पैरालंपिक में हरविंदर ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा और पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय तीरंदाज बने।

दूसरे सेट से भारतीय जोड़ी की निरंतरता में काफी सुधार देखने को मिला। मुकाबले का निर्णायक मोड़ तीसरे सेट में आया, जब भारतीयों ने तीन 10 लगाए और 4-2 की बढ़त हासिल कर ली। चौथे सेट में भी हरविंदर और विजय ने दबाव में शानदार तीरंदाजी की और गोल्ड मेडल पर कब्जा कर लिया।

महिला रिकर्व टीम को सिल्वर से करना पड़ा संतोष

महिला रिकर्व टीम में भावना और पूजा की जोड़ी को फाइनल में चीन के खिलाफ 0-6 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारतीय जोड़ी को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।

फाइनल के सेट स्कोर 23-34, 33-35 और 30-31 रहे।

भारतीय जोड़ी पूरे मुकाबले में निरंतरता हासिल नहीं कर सकी और चीन को चुनौती देने के लिए जरूरी स्कोरिंग स्तर तक नहीं पहुंच पाई। पहले सेट में भारत ने 4, 5 और 6 का स्कोर किया, जबकि चीन ने अच्छी बढ़त बना ली। दूसरे सेट में भारत का प्रदर्शन बेहतर हुआ और जोड़ी ने तीन 8 और एक 9 का स्कोर किया, लेकिन अंतर कम नहीं कर सकी। तीसरे सेट में भी भारत के लिए मुश्किलें जारी रहीं। भारतीय जोड़ी ने 5 और 7 का स्कोर किया और पूरे मुकाबले में एक भी 10 नहीं लगा पाई। चीन भी अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर नहीं था, लेकिन भारत की असंगत तीर प्लेसमेंट का फायदा उठाते हुए उसने बढ़त बरकरार रखी और गोल्ड मेडल जीत लिया।

भारत के लिए शानदार दिन

World Archery Para Series Stage III के पेनल्टीमेट दिन भारत ने पुरुषों की दोनों टीम स्पर्धाओं में गोल्ड जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। महिला रिकर्व टीम ने सिल्वर हासिल किया, जबकि महिला कंपाउंड टीम ब्रॉन्ज मेडल से चूक गई।