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नई दिल्ली : दिनेश कार्तिक द्वारा कप्तान छोडऩे पर पूर्व कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने सवाल खड़े किए हैं। मिड सीजन के दौरान अगर जब भी ऐसा मौका आए तो बहुत मुश्किल होता है किसी भी टीम के लिए वापसी कर पाना। दिनेश कार्तिक करीब अढ़ाई साल से कप्तानी कर रहे थे। ऐसा नहीं था कि वह खराब कप्तान थे। हार-जीत लगी रहती है। मुझे नहीं लगता कि ऐसा कदम उठाने की जरूरत थी।

सहवाग ने कहा- दिनेश बोल रहे है कि वह अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान नहीं दे पा रहे। इस कारण वह टीम का कप्तानी छोड़ रहे हैं। क्योंकि टीम की कप्तानी करते वक्त आपको कई चीजें देखने होती है जिससे आप कई बार प्रदर्शन नहीं कर पाते। सहवाग ने दिनेश के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह डोमेस्टिक सीजन के दौरान भी तो कप्तानी करते हैं। अगर ऐसा था तो उन्हें वहां भी कप्तानी नहीं करनी चाहिए थी। सही मायने में उनका डिसिजन मेरी समझ से परे है। 

एक भी विकेट ऐसा नहीं थी जोकि गेंदबाज ने आऊट किया हो। एक भी ऐसी बॉल नहीं थी जिसे सचमें बोल सके कि इस गेंद पर विकेट मिल सकता है। आप शुभमन गिल को ले सकते हैं। वह पावर प्ले का इस्तेमाल नहीं कर पाए। बाद में छक्का मारने की कोशिश की और आऊट हो गए। वहीं, त्रिपाठी ने जरूर अच्छा शॉट मारा लेकिन वह पकड़े गए। वह गेंद विकेट लेने वाली नहीं थी। दिनेश कार्तिक ज्यादा एग्रेसिव होकर विकेट गंवा बैठे। 

सहवाग बोले- आंद्रे रसेल को मान सकते हैं कि उन्हें बेहतरीन बाऊंसर आई। लेकिन जब आप ऐसी गेंद खेलते हैं तो आपकी कोशिश होती है कि गेंद अगर लाइन से बाहर है या वाइड है तो उसे न छेड़ें, आंद्रे ने खराब शॉट खेला। अगर कोई और बल्लेबाज होता तो गेंद को जाने देता। लेकिन आंद्रे ने बल्ले अड़ा दिया। वह गेंद वाइड हो सकती थी लेकिन बुमराह को विकेट मिल गया। 

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