नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले तेज गेंदबाज औकिब नबी ने भारत की टेस्ट टीम में चयन को लेकर पहली बार खुलकर बात की है। श्रीलंका दौरे के लिए जसप्रीत बुमराह के चोटिल होने के बाद नबी को भारतीय टेस्ट टीम में पहली बार जगह मिली। हालांकि, इससे पहले रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के बावजूद उन्हें लगातार नजरअंदाज किया गया था।
'मुझे उम्मीद थी कि मुझे कॉल-अप मिलेगा'
बीसीसीआई की ओर से 13 अगस्त को जारी एक वीडियो में अनकैप्ड खिलाड़ी सारांश जैन से बातचीत के दौरान औकिब नबी ने अपने चयन को लेकर बात की। नबी ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय टीम से बुलावा मिल सकता है। उन्होंने कहा, 'हां, मुझे उम्मीद थी। लेकिन एक क्रिकेटर के तौर पर आपको इस मानसिकता के साथ रहना होता है कि आपका काम प्रदर्शन करना है। बाकी लोग आपको देखेंगे। मुझे लगा था कि मुझे कॉल-अप मिलेगा।'
'मेरा काम विकेट लेना था, बाकी भगवान पर छोड़ दिया'
नबी ने अपने संघर्ष और इंतजार को लेकर भी अपना नजरिया बताया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी का काम लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है और बाकी चीजों को भगवान पर छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा, 'आज नहीं तो कल, मैं भारतीय टीम से जुड़ूंगा, क्योंकि आप कई सालों से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और आपको अपनी मेहनत का फल मिलना ही है। जब मैं गेंदबाजी करता था, तब भी मेरी यही सोच थी कि मेरा काम विकेट लेना है और बाकी भगवान पर छोड़ देना है।'
श्रीलंका दौरे की उम्मीद नहीं थी
नबी ने खुलासा किया कि जब श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टीम का ऐलान हुआ था, तब उन्हें खुद भी टेस्ट टीम में शामिल किए जाने की उम्मीद नहीं थी। उस समय वह घरेलू सीजन 2026-27 की तैयारियों के लिए अपनी राज्य टीम के कैंप में जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें भारतीय टीम से बुलावा मिला और वह तुरंत श्रीलंका के लिए रवाना हो गए। जसप्रीत बुमराह के चोट के कारण बाहर होने के बाद नबी को टीम में शामिल किया गया।
रणजी ट्रॉफी में नबी का शानदार रिकॉर्ड
रणजी ट्रॉफी 2025-26 में औकिब नबी ने अपनी गेंदबाजी से जमकर प्रभावित किया था। वह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। उन्होंने 10 मैचों में कुल 60 विकेट हासिल किए। नबी ने यह विकेट महज 12.56 की गेंदबाजी औसत से लिए। उनके नाम टूर्नामेंट में 7 बार पांच विकेट लेने का कारनामा रहा, जबकि उन्होंने 2 बार चार विकेट भी हासिल किए। उनके शानदार प्रदर्शन ने जम्मू-कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
अफगानिस्तान टेस्ट में भी नहीं मिला मौका
नबी को एकमात्र अफगानिस्तान टेस्ट के दौरान भारतीय टीम के साथ नेट गेंदबाज के तौर पर रखा गया था, लेकिन उन्हें मुख्य टीम में खेलने का मौका नहीं मिला। उनकी जगह गुरनूर बराड़ को प्लेइंग इलेवन में चुना गया था। गुरनूर ने अफगानिस्तान सीरीज में अपना वनडे डेब्यू भी किया और इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम के साथ भी गए। हालांकि, वह अभी तक टेस्ट क्रिकेट में अपना डेब्यू नहीं कर सके हैं।
इंडिया ए के लिए भी किया शानदार प्रदर्शन
अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट के बाद नबी को श्रीलंका दौरे के लिए इंडिया ए टीम में शामिल किया गया। श्रीलंका ए के खिलाफ उन्होंने इंडिया ए के लिए डेब्यू किया और शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट हासिल किए। 29 वर्षीय नबी ने इंडिया ए के लिए दो मैचों में कुल 6 विकेट लिए। इसके बाद श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मैच में उन्हें पहली पारी में गेंदबाजी का मौका नहीं मिला। दूसरी पारी में उन्होंने पांच ओवर गेंदबाजी की, जिसमें 27 रन दिए, लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला।
क्या श्रीलंका के खिलाफ मिलेगा टेस्ट डेब्यू?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या औकिब नबी को श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करने का मौका मिलेगा। श्रीलंका की परिस्थितियां आमतौर पर स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती हैं, ऐसे में टीम मैनेजमेंट प्लेइंग इलेवन में तेज गेंदबाजों के संयोजन को लेकर अलग रणनीति अपना सकता है। अगर नबी को टेस्ट डेब्यू का मौका मिलता है और वह प्रभाव छोड़ने में सफल रहते हैं, तो साल के अंत में न्यूजीलैंड दौरे के लिए भी उनकी दावेदारी मजबूत हो सकती है। न्यूजीलैंड की तेज और उछाल वाली पिचों पर सीम गेंदबाजों की भूमिका अहम रहने की उम्मीद है।