Sports
चेन्नई , 31 दिसंबर (भाषा) गोवा के 14 वर्ष के शतरंज खिलाड़ी लियोन मेंडोंका इटली में तीसरा और आखिरी नॉर्म हासिल करने के बाद भारत के 67वें ग्रैंडमास्टर बन गए।
मेंडोंका ने 14 वर्ष, नौ महीने और 17 दिन में यह उपलब्धि हासिल की ।
उन्होंने पहला ग्रैंडमास्टर नॉर्म अक्टूबर में रिजो शतरंज जीएम राउंड रॉबिन में हासिल किया था । वहीं नवंबर में बुडापेस्ट में दूसरा और इटली में वेरजानी कप में तीसरा नॉर्म पाया ।
इटली में टूर्नामेंट में वह उक्रेन के विताली बर्नाडस्की के बाद दूसरे स्थान पर रहे ।
मेंडोंका और उनके पिता लिंडोन कोरोना महामारी के बाद लॉकडाउन के कारण मार्च में यूरोप में ही फंस गए थे । उन्होंने इस दौरान कई टूर्नामेंटों में भाग लिया और ग्रैंडमास्टर बनने के करीब पहुंचे ।
मेंडोंका ने मार्च से दिसंबर तक 16 टूर्नामेंट खेले और उनकी ईएलओ रेटिंग 2452 से बढकर 2544 हो गई ।
मेंडोंका ने कहा ,‘‘ मैं बहुत खुश हूं । इसके लिये काफी मेहनत की है । मैं अपने माता पिता, कोच विशु प्रसन्ना और प्रायोजकों को धन्यवाद देता हूं । ’ पूर्व विश्व चैम्पियन और दिग्गज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद ने भी मेंडोंका को बधाई दी।
उन्होंने कहा, ‘‘ देश का 67 वां ग्रैंडमास्टर बनने पर लियोन को बधाई। ग्रैंडमास्टर बनने की सपना देखने वालों के लिए आप एक प्रेरणा है। मुझे आपकी प्रतिबद्धता और एकाग्रता पर गर्व है। जीएम नार्म हासिल करने के लिए आपका परिवार और आप महामारी के दौरान जिस तरह यूरोप में रुके रहे उस पर गर्व है। इस उपलब्धि का आनंद लें।’’ मेंडोंका के कोच विष्णु प्रसन्ना ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘ वह कई बार रेटिंग हासिल करने के करीब पहुंच गये थे और उन्होंने जरूरी रेटिंग अंक को हासिल कर लिया। यह उपलब्धि आश्चर्यचकित करने वाली नहीं थी, लेकिन फिर भी वह दबाव में थे।’’ मेंडोंका भारत लौटने से पहले इटली में एक और प्रतियोगिता में खेलेंगे।


यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।
.
.
.
.
.