स्पोर्ट्स डेस्क : महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है और इसी अहम समय पर रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) को एक बड़ी और राहत भरी खबर मिली है। टीम की तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर पूजा वस्त्राकर पूरी तरह फिट होकर स्क्वाड में शामिल हो गई हैं। चोटों से जूझने के बाद उनकी वापसी न सिर्फ RCB की गेंदबाजी को धार देगी, बल्कि निचले क्रम की बल्लेबाजी को भी मजबूती प्रदान करेगी। प्लेऑफ जैसे दबाव भरे मुकाबलों से पहले यह RCB के लिए किसी बोनस से कम नहीं है।
RCB के लिए क्यों अहम है पूजा वस्त्राकर की वापसी
पूजा वस्त्राकर भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजी ऑलराउंडरों में गिनी जाती हैं। वह नई गेंद से विकेट निकालने के साथ-साथ डेथ ओवर्स में रन रोकने की काबिलियत रखती हैं। इसके अलावा, उनकी आक्रामक बल्लेबाजी टीम को निचले क्रम में अतिरिक्त गहराई देती है। प्लेऑफ में जहां हर रन और हर ओवर अहम होता है, वहां पूजा जैसी खिलाड़ी का होना RCB को रणनीतिक बढ़त दिला सकता है।
85 लाख की नीलामी और RCB की बड़ी उम्मीदें
RCB ने WPL 2026 की नीलामी में पूजा वस्त्राकर को 85 लाख रुपये में खरीदा था। यह निवेश इस सोच के साथ किया गया था कि पूजा टीम को बैट और बॉल दोनों से मैच जिताने की क्षमता रखती हैं। 2024 की चैंपियन RCB मैनेजमेंट उन्हें इस सीज़न के अहम स्तंभ के रूप में देख रहा था, हालांकि चोट के चलते उनकी एंट्री में देरी हुई।
चोटों से भरा रहा वापसी का सफर
मध्य प्रदेश की 26 वर्षीय पूजा वस्त्राकर के लिए पिछला एक साल आसान नहीं रहा। 2024 के अंत में कंधे की चोट ने उन्हें क्रिकेट से दूर कर दिया, जिसके बाद उन्हें BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में लंबा रिहैबिलिटेशन करना पड़ा। जब वह फिट होकर मैदान में लौटने के करीब थीं, तभी हैमस्ट्रिंग इंजरी ने उनकी वापसी को और टाल दिया। इसी वजह से वह WPL 2026 के शुरुआती मुकाबलों में RCB का हिस्सा नहीं बन पाईं।
वडोदरा पहुंचते ही फैंस में खुशी की लहर
लंबे इंतज़ार के बाद पूजा वस्त्राकर आखिरकार वडोदरा में RCB टीम से जुड़ गईं। उन्होंने विवान्ता बाय ताज होटल से अपनी RCB जर्सी में एक सेल्फी शेयर की, जिसने सोशल मीडिया पर फैंस के बीच उत्साह भर दिया। यह तस्वीर इस बात का संकेत थी कि पूजा अब पूरी तरह फिट हैं और मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं।
प्लेऑफ में RCB को मिलेगा संतुलन
पूजा वस्त्राकर की मौजूदगी से RCB को एक मजबूत ऑलराउंड विकल्प मिलेगा। इससे टीम संयोजन में संतुलन आएगा और कप्तान को गेंदबाजी रोटेशन के साथ-साथ बल्लेबाजी क्रम में भी ज्यादा विकल्प मिलेंगे। हाई-प्रेशर नॉकआउट मुकाबलों में पूजा जैसी अनुभवी खिलाड़ी मैच का रुख पलट सकती हैं।