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स्पोर्ट्स डेस्क : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में लगभग दो दशकों तक एक ही फ्रेंचाइजी का प्रतिनिधित्व करना अपने आप में असाधारण उपलब्धि है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए 18 सीजन तक लगातार खेलने वाले विराट कोहली को टीम के क्रिकेट डायरेक्टर मो बोबट ने “हमेशा का आइकन और हीरो” बताया है। बोबट के मुताबिक, कोहली का योगदान सिर्फ रनों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने RCB की पहचान गढ़ी है। एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में उनकी मौजूदगी आज भी फ्रेंचाइजी की आत्मा मानी जाती है। 

18 साल, एक जर्सी और 9,000 से ज्यादा रन

Virat Kohli का IPL सफर वफादारी और निरंतरता की मिसाल है। उन्होंने 18 सीज़न तक सिर्फ RCB की जर्सी पहनी और पिछले सीज़न में 9,000 IPL रन पूरे किए — सभी एक ही टीम के लिए। मो बोबट ने RCB पॉडकास्ट में कहा कि कोहली की सबसे बड़ी ताकत उनकी निरंतरता है। उनका औसत लगभग हर सीज़न में 500 रन के आसपास रहा है, जो फ्रेंचाइजी क्रिकेट में दुर्लभ है। कई खिलाड़ी एक 500 रन वाले सीज़न से संतुष्ट हो जाते हैं, लेकिन कोहली ने इसे 18 साल तक बनाए रखा।

RCB की ऐतिहासिक जीत और नई शुरुआत

पिछले साल RCB ने आखिरकार IPL खिताब जीतकर लंबा इंतजार खत्म किया। Rajat Patidar की कप्तानी में टीम ने अपना पहला ट्रॉफी जीता, जो फ्रेंचाइजी के इतिहास का बड़ा मोड़ साबित हुआ। बोबट ने खुलासा किया कि कप्तानी परिवर्तन का फैसला आसान नहीं था। उन्होंने माना कि यह उनके करियर के सबसे सोच-समझकर लिए गए फैसलों में से एक था।

फाफ से पाटीदार तक: बड़ा नेतृत्व बदलाव

पूर्व कप्तान Faf du Plessis को हटाकर पाटीदार को कमान सौंपने का फैसला रणनीतिक था। बोबट के अनुसार, बड़े ऑक्शन ने टीम को रीसेट करने का मौका दिया और प्रबंधन को लगा कि भारतीय प्रतियोगिता में एक भारतीय कप्तान होना महत्वपूर्ण है। उन्होंने साफ कहा कि फाफ एक शानदार लीडर थे, लेकिन टीम को भविष्य को ध्यान में रखते हुए फैसला लेना पड़ा।

लंदन में कोहली से हुई खास बातचीत

बोबट और हेड कोच Andy Flower ने 2024 सीज़न के बाद लंदन में कोहली से नेतृत्व बदलाव पर विस्तार से चर्चा की। बोबट ने बताया कि कोहली हमेशा टीम के लिए नेतृत्व संभालने को तैयार रहते हैं, लेकिन उन्होंने यह भी समझा कि फ्रेंचाइजी को लंबी अवधि की योजना बनानी होगी। कोहली ने खुद सुझाव दिया कि अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जाए, जबकि जरूरत पड़ने पर वह जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं।

‘डिफेंडिंग’ नहीं, ‘अटैकिंग’ माइंडसेट

आगामी सीज़न को लेकर बोबट ने स्पष्ट किया कि RCB “टाइटल डिफेंड” करने की मानसिकता से नहीं उतरेगी। उनका फोकस बैक-टू-बैक ट्रॉफी जीतने पर है। उनके शब्दों में, टीम किसी चीज का बचाव नहीं कर रही, बल्कि नए मानक स्थापित करने की कोशिश कर रही है। मौजूदा चैंपियन होने के बावजूद, फ्रेंचाइजी का लक्ष्य आक्रामक क्रिकेट खेलते हुए लगातार सफलता हासिल करना है।

RCB के लिए कोहली का महत्व

विराट कोहली सिर्फ एक बल्लेबाज नहीं, बल्कि RCB ब्रांड का चेहरा हैं। एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में जब वह बल्लेबाजी के लिए उतरते हैं, तो लाल जर्सी में उमड़ा जनसैलाब उनकी लोकप्रियता का प्रमाण है। मो बोबट का बयान इस बात की पुष्टि करता है कि चाहे कप्तानी किसी के हाथ में हो, लेकिन RCB की पहचान में कोहली का नाम हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा रहेगा।