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स्पोर्ट्स डेस्क : आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के ग्रुप स्टेज से बाहर होने के बाद टीम की प्रतिबद्धता पर सवाल उठने लगे। कुछ आलोचकों का मानना था कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी T20 फॉर्मेट को उतनी प्राथमिकता नहीं देते जितनी टेस्ट क्रिकेट को। इन अटकलों पर ट्रैविस हेड ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है। एडिलेड में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने साफ कहा कि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में 100 प्रतिशत समर्पण दिखाया, लेकिन अहम मौकों पर प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा।

ग्रुप स्टेज में झटका 

ऑस्ट्रेलिया ने टूर्नामेंट की शुरुआत आयरलैंड और ओमान पर जीत के साथ की थी। हालांकि इसके बाद टीम को जिम्बाब्वे और श्रीलंका से लगातार हार झेलनी पड़ी। इन नतीजों ने उन्हें सुपर एट्स में जगह बनाने से रोक दिया। ग्रुप चरण में ही बाहर होने के बाद ऑस्ट्रेलिया में आलोचना तेज हो गई। क्रिकेट पंडितों और पूर्व खिलाड़ियों ने टीम चयन, रणनीति और खिलाड़ियों की मानसिकता पर सवाल उठाए।

‘हर फॉर्मेट बराबर’ – हेड का जवाब

ट्रैविस हेड ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया कि टीम T20 से ज्यादा टेस्ट क्रिकेट को महत्व देती है। उनका कहना था कि किसी भी वर्ल्ड कप में खेलना अपने आप में बड़ा सम्मान है और टीम हर फॉर्मेट को समान प्राथमिकता देती है। हेड ने कहा कि खिलाड़ियों और टीम मैनेजमेंट का नजरिया हर मुकाबले में 100 प्रतिशत देने का होता है। उन्होंने माना कि कुछ लोग टेस्ट क्रिकेट को ज्यादा पसंद करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि T20 को हल्के में लिया गया।

नाकामी स्वीकार, लेकिन इरादों पर सवाल नहीं

हेड ने स्वीकार किया कि टीम प्रदर्शन के स्तर पर अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी। उनके मुताबिक, जब ऑस्ट्रेलियाई टीम जीत हासिल नहीं करती तो स्वाभाविक रूप से सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार टीम सही समय पर अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दे पाई। पिछले वर्ल्ड कप में भी चुनौतियां आई थीं, लेकिन तब टीम ने हालात के अनुसार खुद को ढाला और आगे बढ़ी। इस बार ऐसा नहीं हो सका।

ICC टूर्नामेंट की अलग चुनौती

हेड का मानना है कि ICC टूर्नामेंट में परिस्थितियां अलग होती हैं। यहां छोटी-सी चूक भी भारी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ टीमें भले ही रैंकिंग में नीचे हों, लेकिन बड़े मंच पर वे किसी को भी हरा सकती हैं। उनके अनुसार, ऑस्ट्रेलिया इस बार उन मुकाबलों में पिछड़ गया जहां जीत जरूरी थी। यही वजह रही कि टीम सुपर एट्स तक नहीं पहुंच सकी।

टी20 बनाम टेस्ट : अनिश्चितता का फर्क 

हेड ने T20 और टेस्ट क्रिकेट के बीच अंतर पर भी बात की। उनका कहना था कि टेस्ट क्रिकेट में पांच दिन का समय होता है, जहां आमतौर पर बेहतर टीम जीतती है। इसके उलट, T20 फॉर्मेट अधिक अनिश्चित है। एक खिलाड़ी का छोटा लेकिन प्रभावशाली प्रदर्शन मैच का रुख बदल सकता है। यही कारण है कि इस फॉर्मेट में उलटफेर ज्यादा देखने को मिलते हैं।