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पुणे : भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज तानिया भाटिया ने कहा कि बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों और अगले साल होने वाले विश्व टी20 से पहले वह राष्ट्रीय महिला टीम में अपना स्थान पक्का करने के लिए अपने स्ट्राइक रेट पर काम कर रही हैं। चंडीगढ़ की 24 साल की यह खिलाड़ी दो साल पहले टी20 विश्व कप फाइनल के दौरान ‘कनकशन' (सिर में गेंद लगने) के कारण ‘रिटायर हर्ट' होने के बाद से भारतीय टीम में नियमित सदस्य नहीं हैं। 

उन्होंने पिछले साल इंग्लैंड में तीन वनडे खेले जिसमें वह दो मौकों पर केवल सात और दो रन ही बना सकी। वह इस साल भी तीन वनडे (वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ) के लिए टीम में थीं, जिसमें एक पारी खेलीं और केवल आठ रन ही जोड़ सकीं। उन्हें इस साल न्यूजीलैंड में विश्व कप टीम में शामिल किया गया था लेकिन एक भी मैच नहीं मिला क्योंकि युवा क्रिकेटर ऋचा घोष को बेहतर बल्लेबाजी करने के लिए उन पर तरजीह दी गई। 

सुपरनोवाज के शनिवार वेलोसिटी को चार रन से हराकर महिला टी20 चैलेंज खिताब जीतने के बाद वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस के दौरान तानिया ने कहा, ‘मुख्य चीज है, चीजों को स्वीकार करना इसलिए मैंने परिस्थितियों को स्वीकार कर लिया है।' उन्होंने कहा, ‘मैंने विश्व कप के दौरान सोचा कि जब मैं जाऊंगी तो मैं अपनी बल्लेबाजी पर काम करूंगी। मैं जानती थी कि इस इस सत्र में टी20 मैच होंगे इसलिए मैंने घरेलू टूर्नामेंट के दौरान अपने स्ट्राइक रेट पर काम करना शुरू कर दिया।' 

उन्होंने कहा, ‘टी20 क्रिकेट में स्ट्राइक रेट और औसत बनाए रखना अहम होता है इसलिए यहां मैंने अपना ध्यान इसी पर लगाए रखा कि परिस्थिति के हिसाब से खेलूं। और अब भी जब मैं तैयारी के लिए जाऊंगी तो मेरा ध्यान आगामी मैचों के लिये इसी चीज पर लगा होगा।' तानिया ने पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में भारत को ड्रा कराने में अहम भूमिका निभाई थी जब उन्होंने 10वें नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए उतरकर स्नेह राणा के साथ 104 रन की नााबद साझेदारी निभाई थी। 

उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा सकारात्मक रहती हूं और इसी पल में जीती हूं। मैं बीते समय के बारे में यहां तक कि घरेलू सत्र के बारे में भी नहीं सोचती।' तानिया ने महिला टी20 चैलेंज में तीन मैच खेलकर तीन कैच लपके और एक स्टंपिंग की तथा दो पारियों में 36 और नाबाद एक रन बनाया। 

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