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नई दिल्ली: रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के समर्थन से आयोजित प्रो रेसलिंग लीग (PWL) के खिलाड़ी नीलामी में दुनिया भर के 20 देशों के 300 से अधिक पहलवानों पर बोली लगी। शनिवार शाम को आयोजित इस नीलामी के साथ ही फ्रेंचाइजी आधारित प्रो रेसलिंग लीग की आधिकारिक वापसी हो गई है।

सात साल बाद लौट रही है प्रो रेसलिंग लीग

प्रो रेसलिंग लीग का आयोजन इस महीने के अंत में किया जाएगा। यह लीग आखिरी बार 2019 में अपने चौथे सीजन के बाद बंद कर दी गई थी। अब करीब सात साल के अंतराल के बाद PWL एक नए स्वरूप में वापसी कर रही है।

ये होंगी प्रो रेसलिंग लीग की छह टीमें

आगामी सीजन में कुल छह फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा लेंगी—

दिल्ली डेंजर वॉरियर्स (EaseMyTrip), हरियाणा थंडर्स (विकास परसरामपुरिया), टाइगर्स ऑफ मुंबई डेंगल्स (Aspect Group और APCO Group), महाराष्ट्र केसरी (Sanraj Group), पंजाब रॉयल्स (CDR Group), यूपी डॉमिनेटर्स (Rubics Realty)

‘रेसलिंग इकोसिस्टम बनाना हमारा लक्ष्य’ – अखिल गुप्ता

नीलामी के दौरान UNI से बातचीत में प्रो रेसलिंग लीग के सीईओ और प्रमोटर अखिल गुप्ता ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल एक टूर्नामेंट के जरिए खिलाड़ियों को आर्थिक सहयोग देना नहीं है, बल्कि एक पूरा रेसलिंग इकोसिस्टम तैयार करना है। इससे एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक में भारत का मेडल टैली और मजबूत होगा।”

उन्होंने आगे कहा, “आईपीएल के बाद भारतीय क्रिकेट और बेहतर हुआ। प्रो रेसलिंग लीग 2.0 के बाद हमें और बेहतरीन पहलवान देखने को मिलेंगे। कुश्ती भारत की प्राचीन और सांस्कृतिक रूप से जुड़ी खेल है, इसमें हमारी अपार संभावनाएं हैं।”

ओलंपिक और एशियन गेम्स में कुश्ती की अहम भूमिका

अखिल गुप्ता ने बताया कि ओलंपिक खेलों में कुश्ती में कुल 18 स्वर्ण, 18 रजत और 36 कांस्य पदक होते हैं, जबकि एशियन गेम्स में कुश्ती के लिए 65 पदक उपलब्ध हैं। “अगर हम कुश्ती में मजबूत हुए, तो अंतरराष्ट्रीय खेलों में भारत की पदक संख्या में बड़ा इजाफा होगा,” उन्होंने कहा।

‘बच्चे पहलवान बनने का सपना देखेंगे’ – दयान फरूकी

प्रो रेसलिंग लीग के चेयरमैन दयान फरूकी ने कहा, “लीग सात साल बाद लौट रही है और हमें जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। कई खिलाड़ियों और फैंस ने वीडियो भेजकर लीग की वापसी के लिए धन्यवाद दिया है।”

उन्होंने आगे कहा, “हम चाहते हैं कि बच्चों की सोच बदले और वे कुश्ती को करियर के रूप में अपनाने का सपना देखें। आने वाले एक दशक में स्पोर्ट्स इकॉनमी तेज़ी से बढ़ेगी और यह खेल से जुड़ने का सही समय है।”

PWL को ग्लोबल लीग बनाने की योजना

दयान फरूकी ने यह भी बताया कि वह और अखिल गुप्ता भविष्य में प्रो रेसलिंग लीग को एक वैश्विक लीग के रूप में विकसित करना चाहते हैं। लीग का शेड्यूल और वेन्यू जल्द घोषित किए जाएंगे।