स्पोर्ट्स डेस्क: ऑस्ट्रेलिया के महान कप्तान रिकी पोंटिंग ने भारतीय स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल को टी20 वर्ल्ड कप 2026 की 15 सदस्यीय भारतीय टीम में शामिल न किए जाने पर हैरानी जताई है। पोंटिंग का मानना है कि गिल जैसे बल्लेबाज का वर्ल्ड कप टीम से बाहर रहना भारतीय क्रिकेट की गहराई को दर्शाता है।
पोंटिंग बोले- “मुझे यकीन नहीं हुआ”
आईसीसी रिव्यू से बातचीत में रिकी पोंटिंग ने कहा, 'मुझे इस पर यकीन ही नहीं हुआ। मैं जानता हूं कि हाल के दिनों में उनका व्हाइट-बॉल फॉर्म खास नहीं रहा है, लेकिन आखिरी बार मैंने उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में खेलते देखा था, जहां उन्होंने वैसी बल्लेबाजी की जैसी मैंने शायद ही कभी देखी हो।'
उन्होंने आगे कहा, 'एक तो मैं हैरान हूं और दूसरा यह भारतीय क्रिकेट की गहराई को दिखाता है। अगर शुभमन गिल जैसे खिलाड़ी को वर्ल्ड कप टीम में जगह नहीं मिलती, तो इससे साफ है कि भारत के पास कितने बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं।'
एशिया कप के उपकप्तान रहे गिल, फिर भी बाहर
गौरतलब है कि शुभमन गिल को एशिया कप 2025 के लिए भारतीय टीम का उपकप्तान बनाया गया था, लेकिन इसके बावजूद वह टी20 वर्ल्ड कप टीम में जगह बनाने में नाकाम रहे। हालिया टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा।
टी20 फॉर्म बना चयन से बाहर होने की बड़ी वजह
चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर की अगुवाई में चयनकर्ताओं ने गिल को टी20 टीम से बाहर रखने का फैसला किया। इसकी मुख्य वजह अनिरंतर रन बनाना और कमजोर स्ट्राइक रेट मानी जा रही है। गिल ने पिछले साल टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 15 मैचों में सिर्फ 291 रन बनाए।
साउथ अफ्रीका सीरीज में खराब प्रदर्शन और चोट
शुभमन गिल की मुश्किलें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज में और बढ़ गई, जहां उन्होंने शुरुआती तीन मैचों में 4, 0 और 28 रन बनाए। इसके बाद उनका स्थान लगातार सवालों के घेरे में रहा। सीरीज के अंतिम चरण में गिल की किस्मत ने भी उनका साथ नहीं दिया। अहमदाबाद में खेले गए पांचवें और आखिरी मैच में गिल को ट्रेनिंग के दौरान पैर की अंगुली में चोट लगने के कारण बाहर बैठना पड़ा।
टेस्ट में शानदार, टी20 में फीके
पोंटिंग ने यह भी संकेत दिया कि गिल का टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन उन्हें टी20 में वही सफलता नहीं दिला सका। इंग्लैंड के खिलाफ एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में गिल ने 754 रन बनाए थे, लेकिन वह फॉर्म टी20 क्रिकेट में नहीं दोहरा पाए।
भारतीय क्रिकेट की गहराई का उदाहरण
रिकी पोंटिंग का मानना है कि शुभमन गिल जैसे खिलाड़ी का वर्ल्ड कप टीम से बाहर रहना किसी एक खिलाड़ी की असफलता नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के मजबूत बेंच स्ट्रेंथ और विकल्पों की भरमार को दर्शाता है।