स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट को लगातार नए सितारे मिल रहे हैं और उनमें सबसे चमकदार नामों में वैभव सूर्यवंशी शामिल हैं। आक्रामक बल्लेबाजी, बड़े शॉट्स और दबाव में मैच जिताने की काबिलियत ने उन्हें कम उम्र में ही चर्चा का केंद्र बना दिया है। अंडर-19 वर्ल्ड कप में उनका प्रदर्शन यादगार रहा, खासकर फाइनल में खेली गई ऐतिहासिक पारी। लेकिन अब युवा फैंस के लिए एक बड़ी खबर है—दो साल बाद होने वाले अगले अंडर-19 वर्ल्ड कप में वैभव सूर्यवंशी नजर नहीं आएंगे।
अगला अंडर-19 वर्ल्ड कप क्यों नहीं खेल पाएंगे वैभव सूर्यवंशी
वैभव सूर्यवंशी का अगला अंडर-19 वर्ल्ड कप न खेल पाना फॉर्म या फिटनेस से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह BCCI के नियमों से संबंधित है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने 2016 में यह नियम लागू किया था कि कोई भी खिलाड़ी अंडर-19 वर्ल्ड कप में एक से अधिक बार हिस्सा नहीं ले सकता। उस समय राहुल द्रविड़ भारतीय अंडर-19 टीम के कोच थे और इस फैसले का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मौका देना था। इसी नियम के कारण वैभव अब इस टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं।
इंग्लैंड के खिलाफ 175 रन: जो इतिहास बन गए
वैभव सूर्यवंशी का अंडर-19 वर्ल्ड कप सफर उनके करियर की सबसे सुनहरी यादों में से एक रहेगा। बाएं हाथ के इस ओपनर ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार बल्लेबाजी की और सबसे ज्यादा रन बनाने वालों की सूची में दूसरे स्थान पर रहे। लेकिन फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई 175 रनों की पारी ने उन्हें हमेशा के लिए खास बना दिया। इस ऐतिहासिक पारी ने भारत को छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप चैंपियन बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई।
प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनने का सफर
वैभव सूर्यवंशी का योगदान सिर्फ एक मैच तक सीमित नहीं था। पूरे टूर्नामेंट में निरंतर प्रदर्शन के दम पर उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट दोनों खिताब मिले। उनकी तकनीक, आक्रामक सोच और मैच को नियंत्रित करने की क्षमता ने चयनकर्ताओं और क्रिकेट एक्सपर्ट्स को काफी प्रभावित किया।
वे भारतीय खिलाड़ी जिन्होंने दो बार खेला अंडर-19 वर्ल्ड कप
BCCI के इस नियम से पहले कई भारतीय खिलाड़ियों को अंडर-19 वर्ल्ड कप में दो बार खेलने का मौका मिला था। इस सूची में रवींद्र जडेजा, सरफराज खान, आवेश खान, रिकी भुई और विजय ज़ोल जैसे नाम शामिल हैं। इन खिलाड़ियों ने जूनियर क्रिकेट में खुद को साबित कर आगे चलकर सीनियर स्तर पर पहचान बनाई।
अंडर-19 क्रिकेट में भारत का दबदबा
भारतीय अंडर-19 टीम का इतिहास बेहद शानदार रहा है। भारत ने अब तक छह बार अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब जीता है—2000, 2008, 2012, 2018, 2022 और हालिया जीत के साथ। इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में 100 रनों की जीत ने एक बार फिर भारत की जूनियर क्रिकेट में मजबूत पकड़ को साबित किया।