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नई दिल्ली : आईपीएल के 2022 सत्र से बाहर होने की कगार पर खड़ी कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान श्रेयस अय्यर के मुंबई इंडियंस के खिलाफ 52 रन से मिली जीत के बाद आए बयान से सवाल उठने लगे हैं कि क्या प्रबंधन के अत्यधिक दखल से प्रदर्शन ग्राफ गिरा है। अभी तक 12 मैचों में 20 खिलाड़ियों को मौका दिया गया है और एक भी मैच ऐसा नहीं रहा जब समान एकादश रखी गई हो। इससे टीम में स्थिरता ही नहीं आ सकी।

मुंबई के खिलाफ मैच के बाद अय्यर से पूछा गया कि टीम में बार बार बदलाव से खिलाड़ियों की क्या प्रतिक्रिया रहती है, उन्होंने कहा कि यह काफी कठिन है। कोच और कई बार सीईओ भी टीम चयन में शामिल होते हैं। हर खिलाड़ी अपनी ओर से सर्वश्रेष्ठ कोशिश कर रहा है। कई मसलों पर प्रबंधन एकराय नहीं होता जिससे टीम के प्रदर्शन पर असर पड़ा है। दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान रहते हुए अय्यर की कप्तानी की काफी तारीफ हुई थी लेकिन केकेआर के साथ एकदम उलटा हो गया है। इसकी वजह टीम चयन को लेकर खराब फैसले हैं और भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री तक ने सवाल दागा कि दुनिया के नंबर एक तेज गेंदबाज पैट कमिंस को पांच मैचों में बाहर कैसे रखा गया। 

सीईओ वेंकी मैसूर ने टीम चयन मामलों में उनके दखल से जुड़े सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया लेकिन केकेआर प्रबंधन के एक करीबी सूत्र ने कहा कि अय्यर के बयानों को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया। सूत्र ने मैसूर का बचाव करते हुए कहा कि बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है। मुझे नहीं लगता कि वेंकी टीम चयन में दखल देते हैं। यह कप्तान और कोच का अधिकार है। कई बार सीईओ की राय मांगी जाती है और हो सकता है कि उन्होंने कोई सुझाव दिया हो।  केआर के कोचिंग स्टाफ में ब्रेंडन मैकुलम, डेविड हसी और अभिषेक नायर हैं। अभिषेक भले ही केकेआर अकादमी का प्रभारी हो लेकिन टीम संयोजन में उसकी काफी भूमिका रहती है ।                                                                                                                                                     
 

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