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स्पोर्ट्स डेस्क : ICC पुरुष टी20 वर्ल्ड कप से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के प्रदर्शन को लेकर पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज़ दिनेश कार्तिक ने बड़ा बयान दिया है। उनके मुताबिक, डिफेंडिंग चैंपियन भारत इस वक्त टूर्नामेंट में उतरने से पहले एक मज़बूत स्थिति में है और हालिया नतीजे टीम की निरंतरता को दिखाते हैं। हालांकि, कार्तिक ने साफ किया कि सब कुछ परफेक्ट नहीं है। उनका मानना है कि डेथ ओवर्स में गेंदबाज़ी टीम इंडिया के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, जिस पर गंभीरता से काम करने की ज़रूरत है। 

वर्ल्ड कप से पहले भारत का दमदार रिकॉर्ड

दिनेश कार्तिक ने भारत के हालिया T20 प्रदर्शन को टीम की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप के बाद खेले गए 36 T20 मुकाबलों में से 29 मैच जीतना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होता। T20 जैसे अनिश्चित फॉर्मेट में इस तरह की निरंतरता यह दिखाती है कि भारतीय टीम सही दिशा में आगे बढ़ रही है। कार्तिक के अनुसार, टीम का आत्मविश्वास सिर्फ जीत से नहीं, बल्कि उनके खेलने के अंदाज़ से भी झलकता है। आक्रामक बल्लेबाजी मैच के हालात के मुताबिक रणनीति और दबाव में बेहतर फैसले भारत को बाकी टीमों से अलग बनाते हैं।

एशिया कप और बड़े मुकाबलों में भरोसेमंद प्रदर्शन

भारत के हालिया एशिया कप प्रदर्शन का ज़िक्र करते हुए कार्तिक ने कहा कि टीम ने बड़े मैचों में खुद को साबित किया है। खासतौर पर पाकिस्तान के खिलाफ लगातार जीत ने यह दिखाया कि भारतीय खिलाड़ी दबाव में भी अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रुप स्टेज में भारत और पाकिस्तान जैसी मज़बूत टीमें मौजूद हैं, लेकिन T20 फॉर्मेट की सबसे बड़ी खासियत यही है कि कोई भी मुकाबला आसान नहीं होता। टॉस, पिच और ओस जैसे फैक्टर किसी भी मैच का रुख बदल सकते हैं।

डेथ ओवर्स की बॉलिंग बनी चिंता

जहां एक ओर भारत की बल्लेबाज़ी और मिडिल ओवर्स की रणनीति मज़बूत दिखती है, वहीं डेथ ओवर्स की गेंदबाज़ी को लेकर कार्तिक ने चिंता जताई। उनके मुताबिक, भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन का संतुलन कई बार आखिरी ओवरों में मुश्किल खड़ी कर देता है। सब-कॉन्टिनेंट की परिस्थितियों में भारत अक्सर जसप्रीत बुमराह के साथ हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे जैसे ऑलराउंडर्स पर भरोसा करता है, जबकि स्पिन गेंदबाज़ों की भूमिका बढ़ जाती है। लेकिन जब मुकाबला आखिरी ओवरों तक जाता है, तो अनुभवी डेथ बॉलर्स की कमी साफ नज़र आती है।

प्लेइंग XI के चयन पर होगा फोकस

कार्तिक का मानना है कि टीम मैनेजमेंट को वर्ल्ड कप से पहले अपनी प्लेइंग इलेवन को लेकर बेहद स्पष्ट होना चाहिए। खासतौर पर ऐसे गेंदबाज़ों का चयन ज़रूरी होगा जो दबाव में यॉर्कर और स्लो बॉल डाल सकें। उन्होंने कहा कि सही संयोजन मिलने पर भारत किसी भी टीम को चुनौती दे सकता है, लेकिन डेथ ओवर्स में थोड़ी सी चूक बड़े टूर्नामेंट में भारी पड़ सकती है।

न्यूज़ीलैंड सीरीज बनेगी अहम तैयारी

वर्ल्ड कप से पहले भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच होने वाली T20I सीरीज को कार्तिक ने अहम बताया। उनके अनुसार, यह सीरीज़ टीम को अपने कॉम्बिनेशन आजमाने और कमजोरियों पर काम करने का सुनहरा मौका देगी। अगर भारत इस दौरान डेथ बॉलिंग की समस्या को सुलझा लेता है, तो टी20 वर्ल्ड कप में खिताब बचाने की राह और आसान हो सकती है।