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कोलकाता : लक्ष्य ओलंपिक पोडियम कार्यक्रम (टॉप्स) से बाहर की गई एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता एथलीट स्वप्ना बर्मन ने कहा कि उन्हें वित्तीय मदद के लिए फिर से इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है। मेरीकोम द्वारा छठा विश्व खिताब जीतने को स्वप्रा ने प्रेरणादायक बताते कहा कि उन्होंने 36 साल की उम्र में जो उपलब्धियां हासिल कर रही है वह अद्भुत है। मैं अभी केवल 22 साल की हूं। मैं भी उनकी तरह बनना चाहूंगी। 

ओलंपिक स्तर से कम है स्वप्रा का रिकॉर्ड

swapna barman

स्वप्ना ने कहा- मुझे इस बारे में (टॉप्स से बाहर किए जाने) कोई टिप्पणी नहीं करनी है। यह खेल मंत्रालय का फैसला है। मुझे अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखना है। बता दें कि एशियाई खेलों में स्वप्ना ने 6026 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता लेकिन यह ओलंपिक स्तर से काफी कम है और इसलिए उन्हें टॉप्स से बाहर कर दिया गया जिसे 2020 ओलंपिक खेलों को ध्यान में रखकर नया स्वरूप दिया गया।

स्वप्ना के कोच बंगाल सरकार से बेहतर प्रोत्साहन चाहते है  

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एशियाई खेलों में हेप्टाथलन में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने वाली पश्चिम बंगाल की स्वप्ना बर्मन के कोच सुभाष सरकार ने कहा है कि पदक विजेताओं को पुरस्कृत करने के मामले में राज्य में खेल नीति की कमी एथलीटों के विकास में बड़ी बाधा है। सरकार ने कहा कि मैं राजनीति नहीं करना चाहता हूं लेकिन सबको पता है कि स्वप्ना को कितनी रकम मिली। उन्होंने हरियाणा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के खिलाडिय़ों ने 18 पदक हासिल किए जिसमें पांच स्वर्ण, पांच रजत और 8 कांस्य पदक शामिल है। 

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