नई दिल्ली : टी20 फॉर्मेट में दुनिया के नंबर 1 बल्लेबाज रहे सूर्यकुमार यादव वनडे में उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं दे पाए। उन्हें टेस्ट क्रिकेट में तो ज्यादा मौके नहीं मिले, लेकिन वनडे में उन्हें काफी समर्थन मिला; फिर भी वे टीम में अपनी जगह बनाए रखने लायक प्रदर्शन नहीं कर पाए। अब भारत की T20I टीम से भी बाहर चल रहे सूर्यकुमार ने माना कि उन्होंने अपनी वनडे बल्लेबाजी पर कड़ी मेहनत नहीं की और इस फॉर्मेट में अपनी नाकामी की पूरी जिम्मेदारी ली।
सूर्यकुमार यादव ने आकाश चोपड़ा के यूट्युब चैनल पर इस बारे में बात करेत हुए कहा, 'अगर-मगर की बात करें तो हम कुछ भी कह सकते हैं कि अगर मैं 2016 में टीम में आ जाता, तो शायद टेस्ट खेल पाता और वनडे में भी अच्छा प्रदर्शन करता। लेकिन सच तो यह है कि मैंने सिर्फ एक टेस्ट और एक पारी खेली। उसके बाद दूसरे खिलाड़ी वापस आ गए और खेलने लगे, इसलिए ऐसा नहीं हो पाया। लेकिन हां, वनडे क्रिकेट के मामले में मैं खुद से निराश हूं। यह T20 की तरह ही एक व्हाइट-बॉल फॉर्मेट था, लेकिन सच कहूं तो मुझे लगता है कि मैंने उस फॉर्मेट के लिए उतनी मेहनत नहीं की जितनी करनी चाहिए थी।'
सूर्यकुमार ने कहा, 'मुझे लगता है कि एक बल्लेबाज के तौर पर वनडे क्रिकेट खेलना शायद सबसे मुश्किल फॉर्मेट है, चाहे आप निचले क्रम में बल्लेबाजी कर रहे हों या कहीं और। अगर आप नंबर 4 पर बल्लेबाजी कर रहे हैं तो जीरो रन पर दो विकेट गिर सकते हैं, या नंबर 6 पर बल्लेबाजी करते हुए 24 रन पर चार विकेट गिर सकते हैं। कुछ भी हो सकता है। आपको लगभग टेस्ट मैच की तरह बल्लेबाजी करनी पड़ती है। आप शुरू में गेंदबाजों को खेलते हैं, उन्हें सम्मान देते हैं और धीरे-धीरे अपनी पारी बनाते हैं। हो सकता है कि आप 50 या कभी-कभी 75 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करें, फिर उसे 100 तक ले जाएं और आखिर में 130 या 140 पर पारी खत्म करें, ठीक वैसे ही जैसे आप टी20 क्रिकेट में करते हैं।'
उन्होंने कहा, 'व्यक्तिगत रूप से, मुझे लगता है कि मैं यह समझ नहीं पाया कि उस फॉर्मेट में कैसे खेलना है। मुझे पता था कि मैं शायद नंबर 5 या 6 पर बैटिंग करूंगा, लेकिन फिर भी, मैंने इस फॉर्मेट को समझने के लिए काफी मेहनत नहीं की। देखते ही देखते वे 20-25 मैच निकल गए। मुझे पता भी नहीं चला कि यह कब हुआ या कैसे बीत गया। और हां, मुझे इस बात का अफसोस है कि मैंने ज्यादा वनडे क्रिकेट नहीं खेला। मैं सोचता हूं कि मैं उस फ़ॉर्मेट में बेहतर क्यों नहीं कर पाया। लेकिन इसके लिए किसी और को दोष नहीं दिया जा सकता। मैं खुद को ही जिम्मेदार मानता हूं क्योंकि मैंने उतनी एक्स्ट्रा मेहनत नहीं की जितनी मैं अब टी20 क्रिकेट खेलते समय करता हूं। अगर मैं एक घंटे बैटिंग करता हूं, तो मैं डेढ़ घंटे प्रैक्टिस करता हूं।'
सूर्यकुमार ने भारत के लिए 37 ODI मैचों की 35 पारियों में 25.76 की औसत और 105 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 773 रन बनाए जिसमें चार अर्धशतक और 72 रन (नाबाद) का सर्वोच्च स्कोर शामिल है। उन्होंने अंत में कहा, 'मैं इस सोच के साथ तैयारी कर रहा हूं कि मुझे क्रिकेट खेलना है, और मुझे पता है कि यह फॉर्मेट (T20) कैसे खेलना है। मैं वनडे क्रिकेट के बारे में बात नहीं करना चाहता, मैंने बहुत कोशिश की, लेकिन मैं इसे समझ नहीं पाया।'