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स्पोर्ट्स डेस्क : भारत में न्यूजीलैंड के हाथों वनडे सीरीज गंवाने के बाद भारतीय क्रिकेट को लेकर बहस तेज हो गई है। पूर्व भारतीय ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन ने टीम इंडिया के प्रदर्शन पर खुलकर सवाल उठाए और कहा कि मेहमान टीम के सामने भारत का जवाब उम्मीद के मुताबिक नहीं था। उनके मुताबिक, भले ही सीरीज का नतीजा 2-1 रहा हो, लेकिन मैदान पर न्यूजीलैंड का वर्चस्व ऐसा था मानो उन्होंने भारत को 5-0 से हराया हो। 

कमजोर टीम के साथ भी न्यूजीलैंड का ऐतिहासिक प्रदर्शन

माइकल ब्रेसवेल की कप्तानी में उतरी न्यूजीलैंड टीम इस सीरीज में कई सीनियर खिलाड़ियों के बिना खेल रही थी। इसके बावजूद डेरिल मिशेल, जेडन लेनोक्स, ग्लेन फिलिप्स और क्रिस्टियन क्लार्क जैसे खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी संभाली। पहले वनडे में हार के बाद कीवी टीम ने शानदार वापसी की और अगले दोनों मुकाबले जीतकर भारत में 1988 के बाद पहली बार वनडे सीरीज अपने नाम कर ली।

निर्णायक मैच में भारत की लड़ाई अधूरी 

तीसरे और अंतिम वनडे में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 337/8 का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में भारत की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम 71/4 के संकट में फंस गई। विराट कोहली ने 124 रनों की बेहतरीन पारी खेली, जबकि नीतीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा ने उपयोगी अर्धशतक जमाकर मुकाबले में जान डालने की कोशिश की। हालांकि, अहम मौकों पर विकेट गंवाने के कारण भारत 41 रन से मैच हार गया।

अश्विन का बेबाक विश्लेषण 

अपने यूट्यूब शो ‘ऐश की बात’ में बोलते हुए अश्विन ने कहा कि भारतीय टीम का रिस्पॉन्स उन्हें निराशाजनक लगा। उन्होंने कहा कि अतीत में भारत ने दबाव की स्थिति में रास्ते निकाले हैं, लेकिन इस सीरीज में वह जुझारूपन नजर नहीं आया। अश्विन के अनुसार, भारत ने बहुत “नरम क्रिकेट” खेला और न्यूजीलैंड पर लगातार दबाव बनाने में असफल रहा।

“सीरीज 2-1 नहीं, असल में क्लीन स्वीप थी” 

अश्विन ने कहा कि भले ही न्यूजीलैंड ने दो मैच जीते हों, लेकिन वे तीसरा मुकाबला भी लगभग जीतने की स्थिति में थे। इसी कारण उन्होंने इसे 5-0 जैसी जीत करार दिया। उनका मानना है कि भारत की तैयारी या टीम संयोजन से ज्यादा समस्या मानसिक प्रतिक्रिया की थी, जो अपेक्षित स्तर की नहीं रही।

टी20 वर्ल्ड कप और IPL पर टिकी निगाहें 

अश्विन ने यह भी कहा कि आने वाले टी20 वर्ल्ड कप और आईपीएल इस हार को भुला सकते हैं या और गहरा सकते हैं। अगर भारत इन टूर्नामेंट्स में अच्छा प्रदर्शन करता है तो यह सीरीज इतिहास बन जाएगी, लेकिन अगर नतीजे खराब रहे तो खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ना तय है।