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नयी दिल्ली : फीफा पैनल में शामिल भारतीय रैफरी रोवान अरूमुगन ने कहा कि शीर्ष फिटनेस रखने और खेल के नियमों को समझने के साथ एक फुटबॉल रैफरी को खिलाड़ियों का सम्मान हासिल करने के लिये निरंतर सही फैसले करने चाहिए। अरूमुगन 2011 में कोलकाता में वेनेजुएला के खिलाफ उस फीफा मैत्री मैच में रैफरिंग कर चुके हैं जो अर्जेंटीना के कप्तान के रूप में लियोनल मेस्सी का पहला मुकाबला था। उन्होंने कहा कि एक रैफरी को यह भी जानने की जरूरत होती है कि बेहतरीन खिलाड़ी रैफरियों के फैसले को चुनौती दे सकते हैं।

भारतीय रैफरी रोवान अरूमुगन, Indian referee Rowan Arumughan, फुटबॉल रैफरी,  फीफा पैनल,  Fifa panel

अरूमुगन ने कहा- टीमों और खिलाड़ियों के बारे में सूचना काफी अहम हो जाती है। उन्हें उन खिलाड़ियों के बारे में जानना चाहिए जो कौशल वाले होते हैं। ये खिलाड़ी रैफरियों को चुनौती दे सकते हैं। उन्होंने कहा- हमें निरंतर होने की जरूरत है। अगर आप एक मैच में अच्छा करते हो और अगले में नहीं तो यह कारगर नहीं होगा। आपको सम्मान हासिल करने के लिये निरंतर रहने की जरूरत है। जब आप सम्मान हासिल कर लेते हो, खिलाड़ी समझ जाते हैं कि इस रैफरी को अपने काम से ही मतलब है, जिससे आसानी होती है।

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इस शीर्ष भारतीय रैफरी ने कहा कि मैच से पूर्व उनके रूटीन में ध्यान लगाना अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा- ध्यान लगाना तैयारियों का एक हिस्सा है। इससे रैफरियों को ध्यान केंद्रित करने और इसे सुधारने में मदद मिलती है।

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