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नई दिल्ली : हाल के दिनों में पाकिस्तान क्रिकेट गलत वजहों से सुर्खियों में रहा है क्योंकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने इंग्लैंड के मौजूदा टेस्ट दौरे से सात खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को हटा दिया है। इस कदम की विशेषज्ञों और प्रशंसकों ने कड़ी आलोचना की है, आलोचकों में पाकिस्तान के दिग्गज क्रिकेटर रमीज राजा और टीम के पूर्व कोच मिकी आर्थर भी शामिल हैं। इस आलोचना के बीच पाकिस्तान के स्पिनर उसामा मीर ने देश में क्रिकेट के पतन पर तंज कसते हुए कहा है कि असली दोषी पर किसी का ध्यान नहीं गया। 

मीर ने X पर एक पोस्ट में लिखा, 'हैरानी की बात है कि किसी ने पूरा सिस्टम बर्बाद कर दिया और किसी को पता भी नहीं चला।' इसके बाद मीर ने अपनी बात कहने के लिए एक आम स्थानीय कहावत का इस्तेमाल किया। उन्होंने लिखा, 'अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गईं खेत (अब पछताने का कोई फायदा नहीं, क्योंकि नुकसान हो चुका है)।' हालांकि मीर ने अपने रहस्यमयी पोस्ट में किसी खास व्यक्ति का जिक्र नहीं किया और यह भी साफ नहीं किया कि वह किसकी बात कर रहे हैं। 

लेग-स्पिनर मीर ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में पाकिस्तान के लिए 12 वनडे और पांच T20I मैच खेले हैं। वह आखिरी बार दो साल से भी पहले, जनवरी 2024 में खेले थे। इस बीच पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद यूसुफ ने इंग्लैंड के मौजूदा टेस्ट दौरे के दौरान किए गए बड़े बदलावों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम प्रदर्शन के आधार पर नहीं, बल्कि "आंतरिक उथल-पुथल और मतभेदों के पुराने चक्र" को दर्शाता है।

यूसुफ ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'अधिकारियों का मौजूदा दौरे से खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को वापस बुलाने का हालिया फैसला सिर्फ प्रदर्शन से जुड़ा नहीं लगता।' उन्होंने आगे कहा, 'आखिरकार, हम जहीर अब्बास, जावेद मियांदाद, इंजमाम-उल-हक या सईद अनवर जैसे दिग्गजों को उनकी जगह नहीं भेज रहे हैं। इसके बजाय यह कदम आंतरिक उथल-पुथल, मतभेदों और विवादों के उस पुराने चक्र को दर्शाता है जिसने लंबे समय से पाकिस्तान क्रिकेट को परेशान किया है।'