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कराची : पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ियों को लगता है कि टोक्यो ओलिम्पिक में भारतीय हॉकी टीम के 41 साल बाद पदक जीतने की उपलब्धि से उप महाद्वीप में इस खेल को बढ़ावा मिलेगा। 8 बार की ओलिम्पिक चैम्पियन भारतीय टीम ने प्ले-ऑफ मुकाबले में जर्मनी के खिलाफ वापसी करते हुए 5-4 से जीत हासिल कर ओलिम्पिक कांस्य पदक जीता। पाकिस्तान के महान हॉकी खिलाड़ी हसन सरदार ने दो गोल से पिछडऩे के बाद वापसी करने के लिये भारतीय टीम की प्रशंसा की। सरदार ने कहा कि वे (भारतीय) दबाव में झुके नहीं, वे कांस्य पदक चाहते थे जो उप महाद्वीप में हॉकी के लिए अच्छा संकेत है।

पूर्व ओलंपियन वसीम फिरोज ने कहा कि उप महाद्वीप की एक टीम के इतने लंबे समय बाद ओलिम्पिक पदक जीतने से वह बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि अच्छी बात यह है कि भारत यूरोपीय और एशियाई शैली के मिश्रण से अच्छे नतीजे हासिल कर रहा है और उन्होंने जर्मनी के खिलाफ बहुत जोश भरा खेल दिखाया। वह चाहते हैं कि भारतीय महिला टीम भी शुक्रवार को ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ कांस्य पदक के मैच में जीत हासिल करे।

पूर्व ओलंपियन और पाकिस्तान हॉकी महासंघ के सचिव आसिफ बाजवा ने कहा कि उनके (भारत) पास सर्वश्रेष्ठ सुविधायें और कोच हैं लेकिन काफी लंबे समय बाद उन्होंने ओलिम्पिक में अच्छा प्रदर्शन किया है जिससे एशिया में हॉकी को बढ़ावा मिलेगा। पूर्व ओलिम्पियन सैमियुल्लाह ने कहा कि भारत का कांस्य पदक जीतना दिखाता है कि इस खेल में हुए बदलावों और नए नियमों के आने के बावजूद भारत और पाकिस्तान यूरोप के शीर्ष देशों और आस्ट्रेलिया से प्रतिस्पर्धा करके अच्छा कर सकते हैं।

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