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स्पोर्ट्स डेस्क : श्रीलंकाई घरेलू क्रिकेट ने एक और ऐतिहासिक पल देखा, जब अनुभवी बाएं हाथ के स्पिनर मालिंदा पुष्पकुमारा ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में अपने 1,000 विकेट पूरे कर लिए। यह उपलब्धि उन्होंने कोल्ट्स क्रिकेट क्लब ग्राउंड पर बैडुरेलिया स्पोर्ट्स क्लब के खिलाफ मूर्स स्पोर्ट्स क्लब की ओर से खेलते हुए हासिल की। निरंतरता, धैर्य और लंबे करियर की बदौलत पुष्पकुमारा अब उन चुनिंदा श्रीलंकाई गेंदबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने यह दुर्लभ मुकाम छुआ है। 

मैच से पहले सिर्फ दो विकेट दूर थे इतिहास से

पुष्पकुमारा इस मुकाबले में 998 फर्स्ट-क्लास विकेट के साथ उतरे थे। बैडुरेलिया स्पोर्ट्स क्लब ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी और कप्तान गीत कुमारा की शानदार 185 रनों की पारी की बदौलत 486 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। मूर्स की ओर से चानुका दिलशान ने पांच विकेट लेकर गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभाली, लेकिन पिच बल्लेबाजों के अनुकूल रही।

दूसरे दिन 999 विकेट, तीसरे दिन ऐतिहासिक पल

दूसरे दिन के खेल के अंत तक मूर्स स्पोर्ट्स क्लब ने चार विकेट खोकर 159 रन बना लिए थे। इसी दौरान पुष्पकुमारा ने विकेटकीपर-बल्लेबाज सोहन डी लिवेरा को आउट कर 999वां विकेट हासिल किया। तीसरे दिन सुबह, जैसे ही उन्होंने पासिंदु सूरियाबंदरा को क्लीन बोल्ड किया, इतिहास रच गया। यह उनका 1,000वां फर्स्ट-क्लास विकेट था, और इसके साथ ही वह दुनिया के 218वें गेंदबाज बने जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की।

श्रीलंकाई दिग्गजों के एलीट क्लब में एंट्री

1,000 विकेट पूरे करने के साथ ही पुष्पकुमारा अब मुथैया मुरलीधरन (1,374 विकेट), रंगना हेराथ (1,080 विकेट) और दिनुका हेट्टियाराची (1,001 विकेट) जैसे दिग्गजों की सूची में शामिल हो गए हैं। यह उपलब्धि श्रीलंका के घरेलू क्रिकेट में उनके लंबे और प्रभावशाली योगदान को दर्शाती है। 

रिकॉर्ड जो उन्हें बनाते हैं खास

पुष्पकुमारा ने यह मुकाम 38.3 के शानदार स्ट्राइक रेट से हासिल किया, जो उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे प्रभावशाली विकेट-टेकरों की श्रेणी में ले जाता है। उनका औसत मात्र 20.06 रहा है, जिसमें 86 बार पांच विकेट और 28 बार दस विकेट लेने का कारनामा शामिल है। इन आंकड़ों की तुलना टॉम रिचर्डसन, जॉर्ज लोहमैन और बिल लॉकवुड जैसे महान गेंदबाजों से की जाती है, जो उनके स्तर को दर्शाता है। 

बिना इंग्लैंड खेले 1,000 विकेट का कारनामा

पुष्पकुमारा की खास बात यह भी है कि उन्होंने इंग्लिश काउंटी क्रिकेट खेले बिना यह उपलब्धि हासिल की। वह दिनुका हेट्टियाराची के बाद दूसरे ऐसे गेंदबाज हैं, जिन्होंने बिना इंग्लैंड में फर्स्ट-क्लास क्रिकेट खेले 1,000 विकेट पूरे किए।

करियर की यादगार गेंदबाजी

उनके करियर की सबसे चर्चित परफॉर्मेंस 2018-19 सीज़न में आई, जब उन्होंने एक पारी में 37 रन देकर सभी 10 विकेट झटके। वह प्रमोद विक्रमासिंघे के बाद श्रीलंका में फर्स्ट-क्लास क्रिकेट की एक पारी में सभी विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज बने।