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मुंबई : स्कॉटलैंड के तेज गेंदबाज ब्रैड क्यूरी ने कहा कि कोलकाता में 42,000 दर्शकों के सामने टी20 विश्व कप का मैच खेलना 'किसी नाइट क्लब में क्रिकेट खेलने' जैसा लगा, लेकिन अपने देश में क्रिकेट खेलना उनके लिए 'किसी पुस्तकालय में होने' जैसा होगा। बांग्लादेश के भारत आने से इनकार करने पर प्रतियोगिता से बाहर होने के बाद स्कॉटलैंड को टी20 विश्व कप में प्रवेश मिला था। 

ग्रुप सी में स्कॉटलैंड ने इंग्लैंड और वेस्टइंडीज जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया। क्यूरी ने स्कॉटलैंड की मंगलवार को नेपाल से सात विकेट से हार के बाद मीडिया से कहा, 'इंग्लैंड के खिलाफ मैच में ईडन गार्डन्स में लगभग 40 हजार शायद 50 हजार दर्शक मौजूद थे। मेरे लिए यह बचपन का सपना सच होने जैसा था। अब वानखेड़े स्टेडियम में भी यह सपना सच होने जैसा है।' 

उन्होंने कहा, 'कोलकाता में खेला गया मैच मेरा पहला ऐसा मैच था जिसमें इतना शोरगुल था। यह बेहद रोमांचक था। ऐसा लग रहा था जैसे हम किसी नाइट क्लब में क्रिकेट खेल रहे हों।'' क्यूरी ने कहा, ''इंग्लैंड के खिलाफ कोलकाता में खेले गए मैच में बहुत अधिक दर्शक थे। एक खिलाड़ी के रूप में हम यही चाहते हैं। हम इस तरह का अनुभव चाहते थे। 40,000 लोगों के सामने खेलना किसी नाइट क्लब जैसा लगता है।' 

क्यूरी ने भी एसोसिएट देशों के अन्य खिलाड़ियों की तरह कहा कि उन्हें शीर्ष स्तर पर खेलने के अधिक अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने कहा, ''हम उस अनुभव से खिलाड़ी के रूप में प्रगति करते हैं। हम चाहते हैं कि हमें अधिक क्रिकेट खेलने का मौका मिले। हमें यह खेल खेलना पसंद है। अब जब हम स्कॉटलैंड वापस जाएंगे तो ऐसा लगेगा जैसे हम किसी पुस्तकालय में खेल रहे हों।' 

क्यूरी ने कहा कि स्कॉटलैंड को भले ही टी20 विश्व कप में खेलने के लिए देर से बुलाया गया लेकिन उनकी तैयारियों में कमी नहीं थी। उन्होंने कहा, 'हमने दो अभ्यास मैच खेले और खूब नेट प्रैक्टिस की। हम अगले महीने नामीबिया में होने वाली श्रृंखला और क्रिकेट विश्व कप लीग की तैयारी कर रहे थे। मुझे नहीं लगता कि हमारा कोई भी खिलाड़ी कम तैयार था।' 

स्कॉटलैंड के कप्तान रिची बेरिंगटन ने कहा कि कुछ मैचों में शीर्ष देशों के साथ करीबी मुकाबले खेलने के बाद उनकी टीम ने यह दिखाया कि उन्हें और अधिक मैच खेलने का मौका मिलना चाहिए। बेरिंगटन ने कहा, 'हमने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। हमें अगर लगातार खेलने का मौका मिले तो हम बेहतर परिणाम दे सकते हैं। हमें बस बड़ी टीमों के साथ खेलने का और अधिक अनुभव चाहिए। उनके खिलाफ अधिक मैच खेलने से ही हमारे खेल में सुधार होगा।'