Sports

नई दिल्ली : भारत के खिलाफ पुणे टेस्ट में दक्षिण अफ्रीकी टीम कभी भी 200 रन पार न कर पाती अगर स्पिनर केशव महाराज अर्धशतकीय पारी नहीं खेलते। केशव उस वक्त क्रीज पर थे जब उनका कंधा ठीक नहीं था। केशव ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद खुद ही बताया कि उनके कंधे में लगी चोट के कारण उन्हें बहुत परेशानी उठानी पड़ी। उन्होंने बताया कि यह बहुत ही खराब है (कंधे), मैंने कल एक डाइव लगाई थी जिसके चलते मेरा यह हाल हो गया। उम्मीद है कि मैं जल्द ठीक हो जाऊंगा। 

keshav-maharaj-played-with-injured-shoulder-revealed-himself-during-the-match

केशव ने अपनी पारी पर बात करते हुए कहा कि मैंने और वर्नोन (फिलेंडर) ने फैसला किया था कि हम चाय तक अपनी विकेट नहीं गंवाएंगे। हालांकि निचले क्रम का बल्लेबाज होने के कारण मैं कई बार थोड़ा कमजोर भी पड़ा लेकिन मैंने अपने दिमाग में रखा कि मैंने टिके रहना है। इसी कारण मैं कुछ रन बनाने में सफल रहा। मैंने कल रात प्रसन्ना (दक्षिण अफ्रीका के विश्लेषक) के साथ बैठा था। स्पिन खेलने पर बात की। मेरी कोशिश थी जडेजा के लिए ऑफ स्टंप के बाहर जाकर खेलूं, मैंने इसके लिए अपने बाएं पैर को बाहर निकालने की कोशिश की।

keshav-maharaj-played-with-injured-shoulder-revealed-himself-during-the-match

केशव ने कहा- अब विकेट खराब हो रहा है, रन बनाना मुश्किल हो रहा है। लेकिन फिर भी हमने अच्छा खेल दिखाया। केशव से जब यह पूछा गया कि क्या वह अपने बल्लेबाजों को सलाह देंगे, इसपर उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी के दौरान मैं तो खुद काफी दर्द में था। मैंने जितना संभव हुआ पिच पर समय बिताना ही बेहतर समझा। हमें नहीं पता कि अब आगे भारतीय टीम क्या करेगी लेकिन हमें सकारात्मक रहने की जरूरत है।

.
.
.
.
.