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नई दिल्ली : इंगलैंड के वॉस्टरशायर किडरमिनस्टर क्रिकेट क्लब में चल रही पहली टी-20 फिजिकल डिसएबल वल्र्ड चैम्पियनशिप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलते हुए 25 साल के कश्मीरी क्रिकेटर वसीम इकबाल तनाव में थे। वसीम भारतीय टीम की पाकिस्तान पर जीत के नायक रहे थे। उन्होंने 43 गेंदों में 69 रन बनाकर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। जीत के बाद उन्होंने कहा कि हां, मैं कुछ तनाव में जरूर था, अब भी हूं। मेरी अपने परिवार से 10 दिन पहले बात हुई थी। 

वसीम ने कहा कि यह मुश्किल होता है जब ऐसी स्थिति से गुजर रहे हों और आपको मैच पर भी ध्यान लगाना हो। लेकिन मैंने किसी तरह इस गेम को मैनेज किया। मुझे खुशी है कि ईद के अवसर पर मुझे मैन ऑफ द मैच मिला। यह मेरे लिए काफी बढ़ा दिन था। शायद मेरे परिवार को मेरी उपलब्धि के बारे में पता नहीं होगा। मुझे भी उनकी फिक्र है। मेरी तमन्ना है कि मैं कुछ पलों के लिए उनसे बात करूं, क्योंकि जब मैं इस टूर्नामैंट के लिए घर से निकला था तब वह बेहद उत्साहित थे।

इकबाल के पास इंजीनियरिंग की डिग्री है। अभी वह जॉब की तलाश कर रहा है। बचपन में एक गलत सर्जरी के कारण वह इस बीमारी का शिकार हो गया था। इस दौरान उन्होंने खान सुलतान नामक एक क्लब ज्वाइंन किया। इसी क्लब से कश्मीर के परवेज रसूल भी निकले हैं जो टीम इंडिया के लिए वनडे और टी-20 मैच खेल चुके हैं।

इकबाल ने माना कि इस टूर्नामैंट के फाइनल में जीत निश्चित तौर पर हौसला बढ़ाने वाली है। खास तौर पर डिसएबिलिटी क्रिकेट में तो यह पॉजीटिव एनर्जी लेकर आएगी। इकबाल अब जल्द से जल्द घर जाना चाहते हैं ताकि  वह अपनी उपलब्धियों के बारे में अपने मां-बाप को बता सके।

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