होबार्ट: रविवार (1 मार्च) को खेले जाने वाले तीसरे और अंतिम महिला वनडे मुकाबले में भारतीय महिला टीम के सामने प्रतिष्ठा बचाने की चुनौती है। पहले दो मैचों में हार के बाद टीम 0-2 से पीछे है और ऑस्ट्रेलिया पहले ही सीरीज अपने नाम कर चुका है। अगर हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम क्लीन स्वीप से बचना चाहती है तो उसे अपनी बल्लेबाजी में बड़ा सुधार करना होगा।
शुरुआती विकेट और मध्यक्रम की नाकामी बनी बड़ी समस्या
पहले वनडे में भारतीय टीम पावरप्ले के अंदर ही तीन विकेट गंवा बैठी और 214 रन पर ऑलआउट हो गई। दूसरे मुकाबले में 78 रन की ओपनिंग साझेदारी के बावजूद टीम 17वें से 31वें ओवर के बीच सिर्फ 52 रन पर पांच विकेट खो बैठी। नतीजतन, भारत 9 विकेट पर 251 रन ही बना सका, जिसे ऑस्ट्रेलिया ने आसानी से हासिल कर लिया।
लगातार 12वीं बार भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में हार झेलनी पड़ी है। अब तक भारतीय महिला टीम इस प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीतने में सफल नहीं हो पाई है।
कप्तान हरमनप्रीत ने मानी गलती
भारतीय कप्तान Harmanpreet Kaur ने दूसरे मैच के बाद स्वीकार किया कि टीम ने वही पुरानी गलतियां दोहराईं। उन्होंने कहा कि बेहतर बल्लेबाजी न कर पाने की वजह से टीम चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा नहीं कर सकी और उम्मीद जताई कि अंतिम मैच में प्रदर्शन सुधरेगा।
मंधाना-हरमनप्रीत ने दिखाई फॉर्म
Smriti Mandhana ने दोनों मैचों में 31 और 58 रन बनाए, जबकि हरमनप्रीत ने लगातार दो अर्धशतक जड़े। युवा सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल ने भी दूसरे मैच में शानदार अर्धशतक लगाया। हालांकि, जेमिमा रोड्रिग्स और दीप्ति शर्मा जैसी अनुभवी बल्लेबाज अभी तक बड़ा योगदान नहीं दे सकी हैं।
गेंदबाजी और फील्डिंग में भी सुधार जरूरी
दीप्ति शर्मा ने अब तक तीन विकेट लिए हैं, जबकि श्री चरणी ने पहले मैच में दो विकेट झटके। लेकिन दूसरे मैच में वह महंगी साबित हुईं। तेज गेंदबाज काशवी गौतम और क्रांति गौड़ को पावरप्ले में शुरुआती विकेट दिलाने होंगे। साथ ही, फील्डिंग में भी सुधार की जरूरत है, क्योंकि अहम मौकों पर कैच छोड़े गए।
ऑस्ट्रेलिया हर विभाग में मजबूत
Australia women's national cricket team ने दोनों मैचों में संतुलित प्रदर्शन किया। जॉर्जिया वोल के शतक और फीबी लिचफील्ड की शानदार बल्लेबाजी ने दूसरे वनडे में जीत आसान बना दी। बेथ मूनी, एलिसा हीली और एनाबेल सदरलैंड ने भी अहम योगदान दिया है। गेंदबाजी में मेगन शट और एशले गार्डनर ने टीम को मजबूती दी है।
बहु-प्रारूप सीरीज का समीकरण
भारत ने टी20 सीरीज 2-1 से जीती थी, लेकिन वनडे में 0-2 से पीछे होने के कारण ऑस्ट्रेलिया ने बहु-प्रारूप सीरीज में 6-4 की बढ़त बना ली है। वनडे और टी20 जीतने पर दो अंक, जबकि टेस्ट जीतने पर चार अंक मिलते हैं। ऐसे में भारत को न सिर्फ अंतिम वनडे, बल्कि पर्थ में होने वाले एकमात्र टेस्ट में भी दमदार वापसी करनी होगी।