नई दिल्ली: भारत का नए फॉर्मेट में पहली बार डेविस कप के फाइनल 8 में पहुंचने का सपना टूट गया है। शनिवार को सियोल में खेले गए क्वालिफायर राउंड-2 मुकाबले में दक्षिण कोरिया ने भारत को 3-1 से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इसके साथ ही भारत की फाइनल 8 में जगह बनाने की उम्मीदें खत्म हो गईं।
दोनों शुरुआती सिंगल्स हारने से भारत पर बढ़ा दबाव
भारत इस मुकाबले में नीदरलैंड्स को हराकर पहुंचा था और उसके पास इतिहास रचने का मौका था। हालांकि, शुरुआती दोनों सिंगल्स गंवाने के बाद भारतीय टीम मुश्किल स्थिति में पहुंच गई। इसके बाद डबल्स मुकाबले में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वापसी की उम्मीद जगाई, लेकिन चौथे रबर में दक्षिण कोरिया ने मुकाबला अपने नाम कर लिया।
धाकेश्वर सुरेश और बालाजी ने दिलाई भारत को उम्मीद
भारत के धाकेश्वर सुरेश और एन श्रीराम बालाजी की जोड़ी ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ 6-3, 3-6, 6-3 से जीत दर्ज कर भारत को मुकाबले में बनाए रखा। भारतीय जोड़ी ने दूसरा सेट गंवाने के बाद निर्णायक सेट में मजबूत वापसी की।
तीसरे सेट में भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव के बीच धैर्य बनाए रखा। उन्होंने महत्वपूर्ण मौके पर कोरियाई सर्विस तोड़ी और मैच के लिए सर्व करने की स्थिति में पहुंच गए। बालाजी ने सर्विस संभाली और भारतीय जोड़ी ने मैच जीतकर भारत की उम्मीदें जिंदा रखीं।
निर्णायक मुकाबले में सुमित नागल को मिली हार
डबल्स जीतने के बाद भारत को मुकाबले में बने रहने के लिए बाकी दोनों सिंगल्स जीतने थे। ऐसे में दबाव सुमित नागल पर था। लेकिन दक्षिण कोरिया के सूनवू क्वोन ने निर्णायक रिवर्स सिंगल्स में शानदार प्रदर्शन किया और नागल को वापसी का मौका नहीं दिया।
क्वोन ने शुरुआत से ही मुकाबले पर पकड़ बना ली और पहला सेट 6-1 से अपने नाम किया। दूसरे सेट में नागल ने मुकाबले में बने रहने की कोशिश की, लेकिन कोरियाई खिलाड़ी ने लगातार दबाव बनाए रखा और 6-2 से दूसरा सेट जीतकर मैच अपने नाम कर लिया।
भारत का फाइनल 8 में पहुंचने का सपना टूटा
सुमित नागल की हार के साथ ही भारत का डेविस कप के फाइनल 8 में पहुंचने का सपना टूट गया। नए फॉर्मेट में भारत पहली बार इस चरण तक पहुंचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन सियोल में मिली हार के बाद टीम को अगले साल फिर से क्वालिफायर राउंड-1 से शुरुआत करनी होगी।
दक्षिण कोरिया ने एशियाई टेनिस में रचा इतिहास
दक्षिण कोरिया के लिए यह जीत ऐतिहासिक रही। मौजूदा फॉर्मेट लागू होने के बाद वह डेविस कप के नॉकआउट चरण में पहुंचने वाली एशिया की पहली टीम बन गई है। इस जीत से दक्षिण कोरिया ने एशियाई टेनिस के लिए एक नया रिकॉर्ड कायम किया।
डबल्स में भारत ने दिखाया शानदार जज्बा
भारत की डबल्स जीत ने मुकाबले में वापसी की उम्मीद जरूर जगाई थी। धाकेश्वर सुरेश और श्रीराम बालाजी ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और कोरियाई सर्विस पर लगातार दबाव बनाया। इसी का फायदा उठाते हुए भारतीय जोड़ी ने पहला सेट 6-3 से जीत लिया।
दक्षिण कोरिया ने दूसरे सेट में अपनी रणनीति में बदलाव किया और 6-3 से सेट जीतकर मुकाबला बराबर कर दिया। हालांकि, निर्णायक सेट में भारतीय जोड़ी ने फिर से लय हासिल की। तीसरे सेट के अंतिम चरण में भारत ने कोरियाई सर्विस तोड़ी और इसके बाद बालाजी ने मैच के लिए सर्व करते हुए भारत को 6-3 से जीत दिला दी।
2027 में फिर क्वालिफायर राउंड-1 खेलेगा भारत
दक्षिण कोरिया के खिलाफ हार के बाद भारत अब 2027 में डेविस कप के क्वालिफायर राउंड-1 में हिस्सा लेगा। फाइनल 8 में जगह बनाने के लिए टीम को एक बार फिर शुरुआती चरण से अपना अभियान शुरू करना होगा।
रोहित राजपाल के कप्तानी कार्यकाल पर भी सस्पेंस
सियोल में खेला गया यह मुकाबला भारतीय टीम के कप्तान रोहित राजपाल के कार्यकाल का आखिरी मुकाबला भी हो सकता है। उनका मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट दिसंबर 2026 तक है और अभी उनके कार्यकाल में विस्तार की कोई घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में आने वाले समय में भारतीय डेविस कप टीम की कप्तानी को लेकर भी फैसला हो सकता है।