स्पोर्ट्स डेस्क : नागपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए T20I मुकाबले में अभिषेक शर्मा की विस्फोटक पारी ने सिर्फ मैच का रुख ही नहीं बदला, बल्कि T20 क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में भी नया अध्याय जोड़ दिया। 35 गेंदों पर 84 रन की उनकी तूफानी पारी चर्चा में रही, लेकिन असली सुर्खी उनके करियर माइलस्टोन ने बटोरी। इस पारी के दौरान अभिषेक पुरुषों के T20 क्रिकेट में सबसे कम गेंदों में 5000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बन गए, जिसने उनकी आक्रामक बल्लेबाजी को नए स्तर पर पहुंचा दिया।
सबसे तेज 5000 रन: अभिषेक शर्मा का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 2898 गेंदों में 5000 रन पूरे कर लिए, जो पुरुषों के T20 क्रिकेट में अब तक का सबसे तेज़ रिकॉर्ड है। उन्होंने इस मामले में आंद्रे रसेल (2942 गेंदें) को पीछे छोड़ दिया। इस लिस्ट में टिम डेविड, विल जैक्स और ग्लेन मैक्सवेल जैसे खतरनाक बल्लेबाज़ भी शामिल हैं, लेकिन अभिषेक ने सभी को पीछे छोड़ते हुए खुद को सबसे ऊपर स्थापित किया।
T20 का असली पैमाना
T20 क्रिकेट में पारियों या मैचों के आधार पर आंकड़े कई बार भ्रम पैदा कर सकते हैं। नॉटआउट रहना, बल्लेबाजी क्रम या छोटी चेज जैसे फैक्टर आंकड़ों को प्रभावित करते हैं। ऐसे में “5000 रन बनाने में खेली गई गेंदें” किसी बल्लेबाज़ की वास्तविक आक्रामकता और निरंतरता को मापने का सबसे सटीक तरीका है। यह बताता है कि कोई बल्लेबाज़ मौके मिलने पर कितनी तेज़ी से रन बनाता है, चाहे उसकी भूमिका कुछ भी हो।
स्ट्राइक रेट ने खोली असली तस्वीर
अगर अभिषेक के इस रिकॉर्ड को स्ट्राइक रेट में बदला जाए, तो तस्वीर और साफ हो जाती है। 2898 गेंदों में 5000 रन का मतलब लगभग 172 का स्ट्राइक रेट। यह सिर्फ एक मैच या सीरीज़ का नहीं, बल्कि पूरे करियर का औसत है। आंद्रे रसेल का यह आंकड़ा लगभग 170 के आसपास है, जबकि बाकी टॉप बल्लेबाज़ 160 से नीचे रहते हैं। यह दिखाता है कि इतने लंबे समय तक इस रफ्तार को बनाए रखना कितना कठिन है।
पावरप्ले में आक्रमण : विरोधियों की रणनीति पर असर
अभिषेक शर्मा की बल्लेबाज़ी का सबसे बड़ा हथियार पावरप्ले में आक्रामक रुख है। वह शुरुआती ओवरों में सिर्फ टिकने की बजाय बढ़त बनाने की कोशिश करते हैं। इसका असर यह होता है कि विरोधी कप्तानों को जल्दी रक्षात्मक फील्ड लगानी पड़ती है और गेंदबाज़ों के लिए विकेट और रन रोकने के बीच संतुलन बनाना मुश्किल हो जाता है। कई बार टीमें शुरुआती ओवरों में ही अपने पसंदीदा मैच-अप खो बैठती हैं।
भारत के T20 ढांचे के लिए क्यों अहम हैं ये आंकड़े
भारतीय टीम के नजरिए से यह रिकॉर्ड चयन की सोच को और मजबूत करता है। अगर ओपनर ही फिनिशर की रफ्तार से रन बनाए, तो पूरी पारी का ढांचा बदल जाता है। टॉप ऑर्डर तेज़ रन बना ले तो मिडिल ऑर्डर दबाव में नहीं आता, फिनिशिंग रोल साफ होते हैं और टीम अतिरिक्त गेंदबाज़ खिलाने की आज़ादी पा सकती है। वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में यह एक बड़ा सामरिक फायदा साबित हो सकता है।