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जालन्धर : भारत के पूर्व तेज गेंदबाज एस श्रीसंत अभी भी स्पॉट फिक्सिंग  के आरोपों के चलते हुई किरकिरी से जूझते नजर आ रहे हैं। बीते दिनों रियालिटी शो बिग बॉस-12 में क्रिकेट जगत से जुड़े अहम खुलासे करने वाले श्रीसंत ने अब आगे आकर कहा है कि 2013 में जब उन्हें आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था तब उन्होंने पुलिस की कुटाई से बचने के लिए सारे आरोप कबूल लिए थे। बता दें कि श्रीसंत के अलावा अजित चंदीला और अंकित चव्हाण को दिल्ली पुलिस ने स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में एक होटल से गिरफ्तार किया था। 

अदालत कर चुकी है बरी, बीसीसीआई ने नहीं हटाया प्रतिबंध

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स्पॉट फिक्सिंग में पकडऩे जाने पर श्रीसंथ, चंदीला और चव्हाण तीनों पर केस चला था। वह जेल में रहे। इस दौरान बीसीसीआई ने तीनों क्रिकेटरों पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया। हालांकि 2015 में कोर्ट ने श्रीसंत को बरी कर दिया था। लेकिन इस दौरान बीसीसीआई ने श्रीसंत से आजीवन प्रतिबंध नहीं हटाया। अब श्रीसंथ ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई है कि उनपर लगा प्रतिबंध कठोर है। जबकि उनके खिलाफ कोई सबूत भी नहीं मिला है। इसलिए यह प्रतिबंध खत्म करवाया जाए। 

श्रीसंथ की अर्जी पर अदालत ने बीसीसीआई से मांगा है जवाब

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श्रीसंत के वकील सलमान खुर्शीद ने कहा कि श्रीसंत पर आरोप लगा था कि उन्होंने तौलिये के जरिए स्पॉट फिक्सिंग की थी। जबकि हकीकत में तो हर खिलाड़ी मैदान पर अपने पास तौलिया रखता है। कुछ इन्हीं सवालों के बाद अदालत ने बीसीसीआई से श्रीसंत के मामले पर जवाब देने को कहा है। इसकी सुनवाई जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस केएम जोसेफ कर रहे हैं। अगली सुनवाई 20 फरवरी को होनी है।

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