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नई दिल्ली : सौरव गांगुली और विराट कोहली के बीच में चल रहे विवाद पर बड़ा खुलासा हुआ है। एक रिपोर्ट के मुताबिक अब पता चला है कि बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज शुरू होने से पहले भारत के तत्कालीन टेस्ट कप्तान विराट कोहली के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करना चाहते थे। 

भारतीय टीम के दक्षिण अफ्रीका के लिए रवाना होने से पहले विराट ने प्रेस कांफ्रेंस में बड़ा बयान देते हुए कहा था कि बोर्ड या चयन समिति में से किसी ने भी उन्हें टी 20 क्रिकेट में कप्तानी छोड़ने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए नहीं कहा था। वहीं बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा था कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से विराट से अनुरोध किया था कि वे टी20 फॉर्मेट में कप्तानी की भूमिका को ना छोड़ें।  

मीडिया के सामने कोहली द्वारा द्वारा दिए गए ये बयान बीसीसीआई को रास नहीं आया। क्योंकि इसने भारतीय क्रिकेट बोर्ड और गांगुली दोनों की छवि की खराब को किया है। इसके बाद सौरव गांगुली काफी गुस्से में थे और उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करना चाहते थे। पर बीसीसीआई के कुछ अधिकारियों ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। 

गांगुली ने इस विवाद पर भारतीय क्रिकेट बोर्ड के सदस्यों से बात भी की थी। हालांकि बोर्ड के सदस्यों ने टेस्ट सीरीज से पहले सौरव गांगुली को ऐसा ना करने की सलाह दी थी। क्योंकि टेस्ट सीरीज से पहले अगर बीसीसीआई अध्यक्ष द्वारा ऐसा किया जाता तो इसका असर भारतीय टीम के प्रदर्शन पर पड़ता। कोहली ने 2021 टी20 विश्व कप के बाद टी20I फॉर्मेट कप्तानी छोड़ दी थी। पर कोहली भारतीय वनडे टीम के कप्तान बने रहना चाहते थे। लेकिन बीसीसीआई ने विराट कोहली को वनडे की कप्तानी से भी हटा दिया। जिसके बाद विराट कोहली और बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली के बीच विवाद गहरा गया।  

द. अफ्रीका में टेस्ट सीरीज के बाद भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली टेस्ट भी कप्तानी छोड़ दी। कप्तानी छोड़ने से पहले विराट कोहली ने बीसीसीआई सचिन जय शाह को इसकी जानकारी दे दी। अगर रिपोर्ट्स की माने तो विराट कोहली ने सौरव गांगुली को कॉल करना भी उचित नहीं समझा।  

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