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नई दिल्ली : खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि यो-यो परीक्षण, जो चयन के लिए आयोजित किए जाते हैं को कठिन नहीं बनाया जाएगा। टीम इंडिया के खिलाड़ियों के लिए टॉप 15 में जगह बनाने के लिए यो-यो टेस्ट अनिवार्य है लेकिन हाल के दिनों में कई खिलाड़ी टेस्ट क्लियर करने में नाकाम रहे हैं और उन्हें बाहर बैठना पड़ा है। 

बीसीसीआई ने हाल ही में घोषणा की थी कि जो खिलाड़ी यो-यो टेस्ट पास करने में विफल रहते हैं, उन्हें इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2022 में खेलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा कि नहीं, हमारे पास खिलाड़ी के लिए यो-यो टेस्ट को कठिन बनाने की कोई योजना नहीं है, क्योंकि यह खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। बहुत सारा क्रिकेट खेला जा रहा है और हम अपने खिलाड़ियों पर अनावश्यक दबाव नहीं डाल सकते हैं। 

मौजूदा समय में खिलाड़ियों की थकान का मुख्य कारण बायो-बबल है, जो उनके मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने खिलाड़ियों पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं डालने का फैसला किया है। आईपीएल 2022 शनिवार 26 मार्च से शुरू होगा और पहला मैच चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के बीच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। 

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