स्पोर्ट्स डेस्क : आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बांग्लादेश के हटने के फैसले पर नया मोड़ आ गया है। पहले जहां अंतरिम स्पोर्ट्स एडवाइजर आसिफ नजरुल ने सुरक्षा और माहौल का हवाला देते हुए टूर्नामेंट के बहिष्कार का समर्थन किया था, वहीं अब उन्होंने इस फैसले की जिम्मेदारी बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) और खिलाड़ियों पर डाल दी है। इस बयान ने क्रिकेट जगत में बहस छेड़ दी है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह राजनीतिक दबाव था या सच में खिलाड़ियों की सामूहिक सहमति?
पहले सरकार का फैसला, अब खिलाड़ियों की ‘कुर्बानी’
जनवरी में जब बांग्लादेश ने ICC T20 वर्ल्ड कप से हटने की घोषणा की थी, तब नज़रुल ने साफ कहा था कि टीम का खेलना या न खेलना पूरी तरह सरकार के निर्णय पर निर्भर है। उन्होंने भारत में कथित सुरक्षा चिंताओं और माहौल को कारण बताया था। हालांकि अब उनका रुख बदला हुआ दिख रहा है। हालिया बयान में उन्होंने दावा किया कि यह कदम BCB और खिलाड़ियों ने मिलकर उठाया था, ताकि देश की प्रतिष्ठा और क्रिकेट की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा सके। यह बदलाव कई सवाल खड़े करता है, क्योंकि पहले इसे सरकारी स्तर का फैसला बताया गया था।
विवाद की जड़: मुस्तफिजुर रहमान प्रकरण
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को राजनीतिक दबाव के बीच रिलीज़ किया गया। इसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने अपने ग्रुप मैच श्रीलंका में शिफ्ट करने की मांग की। जब ICC ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया, तो बांग्लादेश ने आधिकारिक रूप से टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया। उनकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया, जिससे वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज हो गई।
ICC की भूमिका और राहत पैकेज
स्थिति तब और जटिल हो गई जब पाकिस्तान ने भी बांग्लादेश के समर्थन में भारत के खिलाफ अपने मुकाबले के बहिष्कार की चेतावनी दी। इससे पूरे टूर्नामेंट के शेड्यूल पर असर पड़ने की आशंका बन गई थी। हालांकि, लाहौर में हुई अहम बैठकों के बाद मामला सुलझा। ICC ने सख्त कार्रवाई करने के बजाय नरम रुख अपनाया। गवर्निंग बॉडी ने स्पष्ट किया -
BCB पर कोई आर्थिक या खेल संबंधी प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा।
2028-2031 चक्र में ICC इवेंट्स की मेजबानी के लिए बांग्लादेश को प्राथमिकता दी जाएगी।
बोर्ड को ICC राजस्व में उसका पूरा हिस्सा मिलता रहेगा, ताकि घरेलू क्रिकेट संरचना मजबूत बनी रहे।
इस फैसले को नज़रुल ने बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का बयान
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने स्पष्ट किया कि बातचीत में उनका उद्देश्य केवल पाकिस्तान का हित नहीं था, बल्कि बांग्लादेश के पक्ष को भी ध्यान में रखा गया। इस संयुक्त प्रयास के बाद टूर्नामेंट पर मंडरा रहा संकट टल गया और माहौल सामान्य हुआ।