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स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अहम चरण में पहुंच चुकी भारतीय टीम के लिए ओपनर अभिषेक शर्मा की फॉर्म चिंता का विषय बन गई है। लगातार नाकामी के बाद पूर्व भारतीय बल्लेबाज मनोज तिवारी ने उनके माइंडसेट पर सवाल उठाए हैं और सेमीफाइनल से पहले बदलाव की सलाह दी है। वहीं इरफान पठान ने उनकी बल्लेबाजी में तकनीकी खामियों की ओर इशारा किया। इंग्लैंड के खिलाफ 5 मार्च को मुंबई में होने वाले मुकाबले से पहले अभिषेक का प्रदर्शन चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया है।

टूर्नामेंट में संघर्ष जारी

अभिषेक शर्मा मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। छह मैचों में उन्होंने 13.33 की औसत और 131 से थोड़ा अधिक स्ट्राइक रेट से सिर्फ 80 रन बनाए हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ एकमात्र अर्धशतक को छोड़ दें तो उनका बल्ला खामोश रहा है। यूएसए, पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के खिलाफ लगातार तीन पारियों में शून्य पर आउट होना उनके आत्मविश्वास पर भी असर डालता दिखा। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 12 गेंदों पर 15 रन बनाए, लेकिन वह पारी भी टीम को मजबूत शुरुआत नहीं दिला सकी।

वेस्टइंडीज मैच में भी निराशा

वेस्टइंडीज के खिलाफ हालिया मुकाबले में अभिषेक 11 गेंदों में 10 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि संजू सैमसन की शानदार बल्लेबाजी से भारत ने मैच जीत लिया, लेकिन अभिषेक की भूमिका सीमित रही। फील्डिंग में भी वह प्रभावी नहीं दिखे और दो आसान कैच छोड़ दिए। बड़े टूर्नामेंट में इस तरह की गलतियां टीम के लिए महंगी साबित हो सकती हैं, खासकर जब मुकाबला सेमीफाइनल जैसा अहम हो।

मनोज तिवारी की सख्त टिप्पणी

क्रिकबज पर बातचीत में मनोज तिवारी ने अभिषेक के शॉट चयन और मानसिकता पर सवाल उठाए। उनका मानना है कि जब बल्लेबाज अपने विकेट की कीमत नहीं समझता, तो वह जल्दबाजी में ढीले शॉट खेलता है। तिवारी ने कहा कि अभिषेक कम समय में स्टार बन चुके हैं, लेकिन अगर उन्हें ‘सुपरस्टार’ बनना है तो मैच जिताने वाली पारियां खेलनी होंगी। टीम में कड़ी प्रतिस्पर्धा है और कई मैच विनर खिलाड़ी मौजूद हैं, ऐसे में खुद को अलग साबित करना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि अभिषेक को यह समझना होगा कि किन गेंदों पर आक्रामक होना है और किन्हें सम्मान देना है। सेमीफाइनल से पहले यह आत्ममंथन बेहद अहम होगा।

इरफान पठान ने बताई तकनीकी खामी

पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने अभिषेक की बल्लेबाजी में तकनीकी समस्या की ओर इशारा किया। उनके अनुसार, जिम्बाब्वे के खिलाफ अर्धशतक के बाद उम्मीद थी कि अभिषेक लय पकड़ लेंगे, लेकिन बाद की पारियों में उनका बैलेंस बिगड़ा नजर आया। पठान ने कहा कि शॉट खेलते समय उनका पिछला घुटना ज्यादा मुड़ जाता है और शरीर का वजन पीछे की ओर चला जाता है। आदर्श स्थिति में उनका वजन फ्रंट फुट पर होना चाहिए, जिससे शॉट पर बेहतर नियंत्रण मिलता है।तकनीकी सुधार के साथ-साथ मानसिक मजबूती भी अभिषेक के लिए जरूरी होगी।

इंग्लैंड के खिलाफ अग्निपरीक्षा

भारत 5 मार्च को मुंबई में दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड का सामना करेगा। यह मुकाबला अभिषेक शर्मा के लिए खुद को साबित करने का सुनहरा मौका हो सकता है। अगर वह शुरुआत में ठहराव दिखाते हैं और अपने शॉट चयन में संयम रखते हैं, तो टीम को मजबूत शुरुआत मिल सकती है। सेमीफाइनल जैसे बड़े मंच पर एक प्रभावी पारी न केवल उनकी आलोचना का जवाब दे सकती है, बल्कि उन्हें फिर से टीम के भरोसेमंद ओपनर के रूप में स्थापित कर सकती है।