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नई दिल्ली : अश्विन को टेस्ट क्रिकेट में लगातार मौके न मिलने पर भारत के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी अनिल कुंबले भी हैरान हैं। कुंबले ने कहा कि यह दुखद है। उन्होंने अपनी क्लास दिखाई है। उनके नाम सबसे तेज 350 टेस्ट विकेट लेने का रिकॉर्ड है। हालांकि इससे बढ़कर वह टीम के लिए एक गेंदबाज ही नहीं बल्कि एक ऑलराऊंडर की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

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कुंबले ने कहा कि बीते कुछ समय से अश्विन और रवींद्र जडेजा टीम को स्पिन के साथ ठोस बल्लेबाज के रूप में भी प्रदर्शन कर रहे हैं। वह कई बार भारत के लिए निचले मध्यक्रम में ऐसा कर चुके हैं। इसलिए, मुझे कोई कारण नहीं दिखाई देता कि किसी को इन दो स्पिनरों से आगे जाने की आवश्यकता न हो। जब तक वह फिट है तब तक वह आगे जा सकते हैं। हां, अगर यहां तीसरे स्पिनर पर विचार चल रहा है तो निश्चित तौर पर कुलदीप अच्छा विकल्प है।

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कुंबले ने अश्विन की तारीफ करते हुए कहा कि वह जानते हैं कि एक पिच पर कैसे बॉलिंग करनी है। जैसे उन्हें पता है कि सपाट विकेट पर पिच के एक तरफ और विकेट के एक तरफ लगातार गेंदबाजी करनी है। इस दौरान उनकी लाइन और लैंथ बेहतरीन थी। वह गति को बदल रहे थे और ज्यादा प्रयोग नहीं कर रहे थे। निश्चित तौर पर उन्हें चार या पांच काउंटी मैच खेलना निश्चित रूप से काम आया। 

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