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नई दिल्ली : पाकिस्तान की टीम भले ही आईसीसी टी-20 रैंकिंग में इस वक्त टॉप पर चल रही है लेकिन उनका ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 वल्र्ड कप में जीतना नमुमकिन सा लग रहा है। क्रिकेट विश्व कप के बाद सीनियर प्लेयरों को बाहर का रास्ता दिखा देने पर पाकिस्तानी टीम अभी लडख़ड़ाई हुई है। बीते महीने श्रीलंका की युवा टीम ही पाकिस्तान को 3-0 से हरा गई थी। ऐसे में नंबर वन पाकिस्तान की कई कमजोरियां सामने आई। अगर यह कमजोरियां दूर नहीं हुई तो पाकिस्तान के लिए अगला विश्व कप कभी भी अच्छा नहीं जाएगा। आइए जानते हैं पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की पांच कमजोरियों के बारे में

बल्लेबाजी में गहराई नहीं

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क्रिकेट विश्व कप के बाद से ही पाकिस्तान की टीम में बड़ा बदलाव हुआ था। नए कोच मिसबाह उल हक ने सबसे पहले उम्रदराज प्लेयरों को बाहर का रास्ता दिखाया। इन प्लेयरों में सरफराज अहमद भी शामिल थे। अब पाकिस्तान के पास बिल्कुल नई टीम है। कप्तान बनाए गए हैं बाबर आजम। बाबर का बल्ले से तो प्रदर्शन अच्छा है लेकिन कप्तानी के मामले में वह अभी तक प्रभावित नहीं कर पाए हैं। पाकिस्तान के टॉप ऑर्डर की गहराई कम है जो खतरनाक साबित हो सकती है।

लीडरशिप भावना न होना

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सरफराज अहमद को हटाकर भले ही बाबर आजम को पाकिस्तान की टी-20 टीम का कप्तान बना दिया गया लेकिन यह फार्मूला अभी तक चल नहीं पाया है। टीम से सरफराज और शोएब मलिक जैसे सीनियर्स को बाहर कर दिया गय जोकि नए प्लेयरों के मार्गदर्शक हो सकते थे। वहीं, सरफराज के जाने के बाद पाकिस्तानी तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर और इमाद वसीम ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर सबको चौका दिया। आमिर और इमाद इन दिनों विश्व भर में चल रही क्रिकेट लीग में खेल रहे हैं। ऐसे में टीम से दूर होकर लय में रह पाना उनके लिए चुनौती होगी। वहीं, बाबर आजम भी अभी तक टीम को इक_ा नहीं कर पा रहे हैं जैसे सरफराज कर रहे थे।

प्लेइंग इलेवन फाइनल न होना

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टी-20 क्रिकेट विश्व कप को ज्यादा समय नहीं है लेकिन पाकिस्तान की टीम अभी भी अपनी परफेक्ट-11 ढूंढने में लगी हुई है। किसी एक सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करने वाला क्रिकेटर अगली सीरीज में प्रदर्शन नहीं कर पाता। पाकिस्तान टीम पिछले कुछ महीनों से करीब 25 नए क्रिकेटरों को मौका दे चुकी है लेकिन अभी तक फाइनल-11 नहीं बन पाई है।

खराब फील्डिंग

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पाकिस्तान की सबसे बड़ी कमजोरी उनकी खराब फील्डिंग है। क्रिकेट विश्व कप के दौरान तो इसी कारण के चलते उन्हें महत्वपूर्ण मैच गंवाने पड़े थे। बताया गया कि पाकिस्तानी टीम ने टूर्नामैंट के दौरान 15 कैच टपकाए। यह 
सिलसिला इसके बाद भी चलता रहा। ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के खिलाफ भी पाकिस्तान टीम खराब फील्डिंग के चलते निंदा का शिकार हुई।

तेज गेंदबाजों का विवादों में फंसना

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पाकिस्तान के पास भले ही टी-20 के लिहाज से शाहीन अफरीदी और नसीम शाह जैसे बॉलर हैं लेकिन यह भी किसी न किसी विवाद में फंसे रहते हैं। शाहीन पर तो पाकिस्तान की टिकटॉक स्टार महिला ने अश्लील चैटिंग करने तक का आरोप लगा दिया था। वहीं, नसीम भी उम्र विवाद को लेकर आलोचना का शिकार हो रहे हैं। अभी शहीन और मोहम्मद हस्नैन टीम की वागडोर संभाल रहे हैं। लेकिन वह भी पिछले 10 मैचों में मिलकर 23 विकेट ही निकाल पाए हैं। खास बात यह है कि इस दौरान उन्होंने 9.5 की इमोनमी से रन गंवाए हैं। 

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