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... सी. श्याम सुंदर...
चेन्नई, 28 दिसंबर (भाषा)
कोरोना वायरस का प्रकोप से बड़ी संख्या में लोगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा लेकिन पांच बार के विश्व चैम्पियन विश्वनाथ आनंद ने कहा कि शतरंज पर इसका सकारात्मक असर पड़ा है क्योंकि इससे खेल को ऑनलाइन तरीके से विस्तार करने का मौका मिला।
उन्होंने हालांकि उम्मीद जताई की इससे पारंपरिक तरीके से इसके खेले जाने पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

आनंद ने पीटीआई-भाषा को दिये साक्षात्कार में युवाओं के मेंटोर के तौर पर अपनी नयी भूमिका और उनकी जीवन पर बन रही फिल्म (बायोपिक) और शतरंज पर आधारित ‘नेटफ्लिक्स’ की सीरीज ‘द क्वीन्स गैंबिट’ के बारे में बातचीत की।

इस 51 साल के ग्रैंडमास्टर ने कहा, ‘‘ जाहिर है शतरंज ऐसा खेल है जिसे लॉकडाउन से फायदा हुआ। यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है। हम इसे जारी रखकर खेल को और बड़ा बनाने में मदद कर सकते है।’’
कोरोना वायरस महामारी के दौरान ज्यादातर खेलों का आयोजन बंद था लेकिन शतरंज के कई टूर्नामेंटों के ऑनलाइन आयोजन से उसे नयी पहचान मिली।

आनंद से पूछा गया कि क्या ऐसी संभावना है कि खेल पूरी तरह से ऑनलाइन हो जाएगा तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं उम्मीद करुंगा कि ऐसा नहीं हो लेकिन मुझे कुछ नहीं पता। हम देखेंगे क्या हो सकता है। शतरंज का ऑनलाइन तरीके से बढना अच्छा है लेकिन दूसरे तरीके को खत्म करना अच्छा नहीं होगा।’’
इस दौरान नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई वेब सीरीज ‘द क्वीन्स गैंबिट’ ने भी इस खेल को बढ़ने में मदद की। शतरंज की जानी माने वेबसाइट ‘चेस डॉट कॉम’ ने भी बताया कि इस सीरीज के रिलीज होने के बाद उनके ग्राहकों की संख्या बढ़ी है।

उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छा है। यह शतरंज के खिलाड़ी का एक अनुभव है। मुझे लगता है कि इसमें खेल के बहुत से दृश्य सटीक हैं। टूर्नामेंट हॉल और खिलाड़ियों का चित्रण बहुत कुछ अच्छे से किया गया है।’’
आनंद ने कहा, ‘‘शतरंज की लोकप्रियता पहले से बढ़ने लगी थी लेकिन इससे चीजें और बड़ी होगी।’’
चेन्नई के इस खिलाड़ी ने कहा कि वह सामान्य तरीके से शतरंज खेलने की कमी को महसूस कर रहे है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं निश्चित तौर पर उसकी कमी को महसूस कर रहा हूं। सामान्य तौर पर टूर्नामेंट से पहले की चीजों आपको गंभीर बनाती है, आपका ध्यान उस पर होता है। आप हॉल में दूसरे खिलाड़ियों को देखते है, होटल में उनसे मिलते है।’’
जाने माने फिल्मकार आनंद एल राय द्वारा उनकी जिंदगी और खेल पर बन रही बायोपिक के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इससे लोगों को उनकी जिंदगी के अनछुए पहलुओं को जानने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘ वे अब भी इस पर काम कर रहे है। मैं इस बारे में ज्यादा बात नहीं कर सकता हू। कुछ ऐसा होगा तो हम इसकी घोषणा करेंगे। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘ जब फिल्म तैयार होगी तो मैं उसे देखने जाउंगा। उम्मीद है कि यह रोमांचक रहेगा। मेरे जीवन में कुछ ऐसा है जिसके बारे में सब को पता है लेकिन ऐसा भी है जिसके बारे में सब को पता नहीं है।’’
वह वेस्टब्रिज-आनंद शतरंज अकादमी के माध्यम से मेंटोर की भी भूमिका निभा रहे है। उन्होंने हालांकि कहा कि वह मेंटोर की जगह मार्गदर्शक कहा जाना पसंद करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘ मेरे लिये यह नयी चीज है। खेलना और दूसरों के बताने में काफी फर्क है। मैं कोच नहीं बनने वाला हूं। उम्मीद है कि मैं मार्गदर्शक रहूंगा।’’


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