नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने वाले भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा की सराहना करते हुए लिखा कि उनकी दृढ़ खेल शैली टेस्ट क्रिकेट की खूबसूरती की याद दिलाती थी। पुजारा ने पिछले रविवार को अपने 103 टेस्ट मैच के शानदार करियर का अंत करते हुए संन्यास की घोषणा की थी।
मोदी ने पुजारा को एक पत्र में लिखा, ‘क्रिकेट के छोटे प्रारूपों के प्रभुत्व वाले युग में आप खेल के लंबे प्रारूप की खूबसूरती की याद दिलाते थे। आपके अडिग धैर्य और लंबे समय तक एकाग्रता के साथ बल्लेबाजी करने की क्षमता ने आपको भारतीय बल्लेबाजी क्रम का आधार बनाया।' भारत के लिए तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले इस पूर्व बल्लेबाज ने पत्र की प्रति सोशल मीडिया पर पोस्ट की और प्रधानमंत्री को उनके गर्मजोशी भरे शब्दों के लिए धन्यवाद दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने 2018 और 2021 में ऑस्ट्रेलिया में लगातार दो श्रृंखला जीतने के दौरान पुजारा की अहम भूमिका का जिक्र करते हुए लिखा, ‘आपका उत्कृष्ट क्रिकेट करियर उल्लेखनीय कौशल तथा दृढ़ संकल्प के क्षणों से भरा पड़ा है, विशेषकर विदेशों में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में।' उन्होंने कहा, ‘उदाहरण के लिए प्रशंसक ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट मैच जैसे मौकों को हमेशा याद रखेंगे जब आपने ऑस्ट्रेलियाई धरती पर भारत के पहली बार ऐतिहासिक श्रृंखला जीतने की नींव रखी थी!'
मोदी ने लिखा, ‘सबसे मजबूत गेंदबाजी आक्रमणों में से एक के सामने डटे रहकर आपने दिखाया कि टीम की जिम्मेदारी उठाने का क्या मतलब होता है।' मोदी ने घरेलू क्रिकेट के प्रति पुजारा की प्रतिबद्धता की भी सराहना की। उन्होंने कहा, ‘‘खेल के प्रति आपका जुनून इस बात से भी झलकता है कि एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर होने के बावजूद आपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलना जरूरी समझा, चाहे वह सौराष्ट्र के लिए हो या विदेश में।'
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘सौराष्ट्र क्रिकेट के साथ आपका लंबा जुड़ाव और राजकोट को क्रिकेट के नक्शे पर लाने में आपका योगदान इस क्षेत्र के हर युवा के लिए अपार गर्व का स्रोत रहेगा।' पुजारा ने अपनी प्रतिक्रिया में लिखा, ‘मैं अपने संन्यास पर हमारे माननीय प्रधानमंत्री से प्रशंसा पत्र प्राप्त करके सम्मानित महसूस कर रहा हूं।' उन्होंने कहा, ‘आपकी भावनाओं की मैं बहुत सराहना करता हूं। अपनी दूसरी पारी में कदम रखते हुए मैं मैदान पर बिताई हर याद और मुझे मिले प्यार और प्रशंसा को संजोकर रखूंगा। धन्यवाद सर।'