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नई दिल्ली : भारत के पूर्व दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण कोविड-19 के लिए पॉजिटिव पाए गए हैं और बेंगलुरू के अस्पताल में इस संक्रमण से उबर रहे हैं। प्रतिष्ठित आल इंग्लैंड चैंपियनशिप का 1980 में खिताब जीतने वाले पहले भारतीय 65 साल के पादुकोण को इस हफ्ते अस्पताल से छुट्टी मिलने की उम्मीद है। 

इस दिग्गज खिलाड़ी के मित्र और प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन अकादमी (पीपीबीए) के निदेशक विमल कुमार ने बताया, ‘लगभग 10 दिन पहले प्रकाश, उनकी पत्नी (उजाला) और दूसरी बेटी (अनीशा) में लक्षण दिखाई दिए और उन्होंने परीक्षण कराया और नतीजे पॉजिटिव आए।’ 

उन्होंने कहा, ‘उन्होंने स्वयं को पृथकवास में रखा है लेकिन एक हफ्ते बाद भी प्रकाश का बुखार कम नहीं हुआ इसलिए पिछले शनिवार को उन्हें यहां बेंगलुरू के अस्पताल में भर्ती कराया गया।’ विमल ने कहा, ‘वह अब ठीक है। उनके सारे अंग सही काम कर रहे हैं, उनकी पत्नी और बेटी घर पर हैं और उन्हें भी 2 या 3 दिन में छुट्टी मिलने की उम्मीद है।’ 

विश्व बैडमिंटन के सबसे प्रतिष्ठित खिलाड़ियों में से एक पादुकोण 1970 और 1980 के दशक में भारतीय खेल के लिए आदर्श के रूप में उभरे। पादुकोण 1983 में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक के साथ इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने थे। वह 1980 में दुनिया का नंबर एक खिलाड़ी बनने वाले पहले भारतीय बने। 

उन्होंने डेनमार्क ओपन, आल इंग्लैंड चैंपियनशिप और स्वीडिश ओपन में लगातार तीन खिताब जीतकर यह उपलब्धि हासिल की। वर्ष 1991 में खेल को अलविदा कहने के बाद पादुकोण भारतीय बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष रहे। वह 1993 से 1996 तक भारतीय टीम के कोच भी रहे। यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है। 

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