स्पोर्ट्स डेस्कः भारतीय क्रिकेट के गलियारों से एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। टीम इंडिया के विकेटकीपर-बल्लेबाज केएस भरत ने महज 31 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है। आंध्र प्रदेश के इस जुझारू खिलाड़ी ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए अपने संक्षिप्त लेकिन उतार-चढ़ाव भरे अंतरराष्ट्रीय करियर पर विराम लगा दिया है।
नागपुर से शुरू हुआ था सफर, विशाखापट्टनम में थमी पारी
भरत ने साल 2023 में प्रतिष्ठित बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नागपुर में अपना टेस्ट डेब्यू किया था। नियति का खेल देखिए कि उन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच भी फरवरी 2024 में अपने घरेलू मैदान विशाखापट्टनम में इंग्लैंड के खिलाफ खेला। भरत ने अपने बयान में कहा कि देश का प्रतिनिधित्व करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है और इस यात्रा ने उनसे बहुत धैर्य और ताकत की मांग की।
कोहली और रोहित के लिए छलका दर्द
अपने संन्यास के संदेश में भरत ने भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गजों का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।
- विराट कोहली: भरत ने विराट को याद करते हुए बताया कि उन्होंने ही उन्हें RCB की ओर से आईपीएल में डेब्यू का मौका दिया था। फैंस आज भी आईपीएल के उस मैच को नहीं भूले हैं जिसमें भरत ने आखिरी गेंद पर छक्का जड़कर टीम को यादगार जीत दिलाई थी।
- रोहित शर्मा: कप्तान रोहित की तारीफ करते हुए भरत ने कहा कि उन्हीं की अगुवाई में उनका टेस्ट कैप पहनने का सपना सच हुआ। उन्होंने रोहित के अटूट समर्थन और नेतृत्व के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।
द्रविड़ का मार्गदर्शन और घरेलू क्रिकेट का दम
भरत ने पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ को अपना बेहतरीन मार्गदर्शक (Mentor) बताया, जिन्होंने 'इंडिया ए' से लेकर सीनियर टीम तक उनके सफर को आसान बनाया। हालांकि भरत का अंतरराष्ट्रीय करियर छोटा रहा लेकिन घरेलू क्रिकेट में उन्होंने आंध्र प्रदेश के लिए रनों का अंबार लगाया था। ऋषभ पंत के चोटिल होने के बाद उन्हें टीम इंडिया में मुख्य विकेटकीपर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
कैसा रहा केएस भरत का रिकॉर्ड?
- कुल टेस्ट मैच: 7
- कुल पारियां: 12
- कुल रन: 221
- औसत: 20.09
- उच्चतम स्कोर: 44
- विकेट के पीछे शिकार: 19 (18 कैच, 1 स्टंपिंग)
क्या है भविष्य की योजना?
भले ही भरत ने नीली और सफेद जर्सी को अलविदा कह दिया है, लेकिन वे क्रिकेट के मैदान से दूर नहीं होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में खेलना जारी रखेंगे। इसके साथ ही वे अगली पीढ़ी के युवा खिलाड़ियों को कोचिंग और मेंटरशिप देकर खेल को वापस अपना योगदान देना चाहते हैं।उन्होंने अपने संदेश का अंत बेहद भावुक शब्दों के साथ किया। ‘मैं भारत से प्यार करता हूं और मैं क्रिकेट से प्यार करता हूं. हर चीज के लिए धन्यवाद।’