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स्पोर्ट्स डेस्क : ICC मेंस T20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन भारत और श्रीलंका में किया जाएगा, लेकिन इससे पहले ही टूर्नामेंट को लेकर बड़ा बदलाव सामने आ गया है। T20 वर्ल्ड कप 2024 में हिस्सा लेने वाली तीन टीमें 2026 संस्करण के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाई हैं। इन टीमों में बांग्लादेश, युगांडा और पापुआ न्यू गिनी (PNG) शामिल हैं।

फुल मेंबर होने के बावजूद बांग्लादेश बाहर

बांग्लादेश ने T20 वर्ल्ड कप 2024 में हिस्सा लिया था, लेकिन सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने भारत आने से इनकार कर दिया। इसके चलते उन्हें टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा और उनकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया। फुल ICC मेंबर होने के बावजूद बांग्लादेश का बाहर होना वर्ल्ड कप 2026 का सबसे चौंकाने वाला फैसला माना जा रहा है।

युगांडा का सपना अधूरा

युगांडा ने 2024 में पहली बार T20 वर्ल्ड कप में खेलकर इतिहास रचा था। अफ्रीकी टीम के जज्बे और प्रदर्शन की काफी तारीफ भी हुई थी, लेकिन 2026 के क्वालिफिकेशन में वे उस लय को बरकरार नहीं रख सके। हालांकि युगांडा का 2024 अभियान उनके देश में क्रिकेट के विकास के लिए एक अहम उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

पापुआ न्यू गिनी भी रेस से बाहर

पापुआ न्यू गिनी (PNG) भी उन टीमों में शामिल है जो 2024 में खेलने के बावजूद 2026 के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाईं। हाल के वर्षों में ICC टूर्नामेंट्स में लगातार खेलने वाली PNG को इस बार कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा और वे पीछे रह गए।

T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्या मायने

बांग्लादेश, युगांडा और PNG का बाहर होना इस बात का संकेत है कि अंतरराष्ट्रीय T20 क्रिकेट में अब हर टूर्नामेंट में क्वालिफिकेशन की चुनौती पहले से ज्यादा कठिन हो गई है। नए फॉर्मेट और सीमित स्लॉट्स के चलते 2026 वर्ल्ड कप में फैंस को नई टीमें, नए मुकाबले और ज्यादा रोमांच देखने को मिलेगा।