स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कोलंबो में खेले गए मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराकर लगातार तीसरी जीत दर्ज की और सुपर-8 में जगह पक्की कर ली। यह टी20 विश्व कप इतिहास में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की 8वीं जीत रही। इस हार के बाद पाकिस्तान की सुपर-8 में पहुंचने की राह मुश्किल हो गई है।
टूर्नामेंट का पूरा फॉर्मेट समझिए
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कुल 20 टीमों को 4 ग्रुप (A, B, C और D) में बांटा गया है। हर ग्रुप से टॉप-2 टीमें सुपर-8 में पहुंचती हैं। सुपर-8 में 8 टीमों को दो ग्रुप (ग्रुप-1 और ग्रुप-2) में बांटा जाएगा। हर ग्रुप की टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल में जाएंगी।
सुपर-8 में भारत-पाक मुकाबला क्यों मुश्किल?
आईसीसी ने टूर्नामेंट से पहले ही प्री-सीडिंग सिस्टम लागू किया था। भारत को X1 (ग्रुप-1), पाकिस्तान को Y3 (ग्रुप-2), यानी सुपर-8 में दोनों टीमें अलग-अलग ग्रुप में रहेंगी। इसलिए सुपर-8 चरण में भारत और पाकिस्तान का दोबारा आमना-सामना संभव नहीं है।
तो फिर कैसे हो सकती है दोबारा भिड़ंत?
सेमीफाइनल में: भारत-पाकिस्तान सेमीफाइनल में तभी भिड़ सकते हैं जब: एक टीम अपने ग्रुप में पहले स्थान पर रहे,दूसरी टीम दूसरे ग्रुप में दूसरे स्थान पर, अगर दोनों टीमें अपने-अपने ग्रुप में टॉप पर रहती हैं या दोनों दूसरे स्थान पर रहती हैं, तो सेमीफाइनल में भी मुकाबला संभव नहीं होगा।
फाइनल में: सबसे बड़ा मुकाबला फाइनल में हो सकता है, बशर्ते दोनों टीमें सेमीफाइनल जीतकर खिताबी मुकाबले में पहुंचें। टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत और पाकिस्तान केवल एक बार फाइनल में भिड़े हैं — 2007 में।
क्या पाकिस्तान सुपर-8 में पहुंचेगा?
पाकिस्तान को सुपर-8 में पहुंचने के लिए अपना अगला मैच हर हाल में जीतना होगा। अगर वह क्वालीफाई करता है, तभी आगे भारत-पाक दोबारा भिड़ने की संभावना जिंदा रहेगी।
निष्कर्ष
सुपर-8 में भारत-पाक मैच संभव नहीं, सेमीफाइनल या फाइनल में भिड़ंत हो सकती है,पाकिस्तान का क्वालीफाई करना बेहद जरूरी, अब फैंस की नजर पाकिस्तान के अगले मुकाबले और सुपर-8 के समीकरण पर टिकी है।