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स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला महामुकाबला 15 फरवरी को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मुकाबला हमेशा की तरह ही हाई-वोल्टेज रहने वाला है और इस बार भी राजनीतिक विवादों और कुछ देशों की बॉयकॉट की धमकियों के बीच यह मैच चर्चा में रहा। हालांकि, अब मैच तय हो चुका है और दोनों टीमें इस बड़े मुकाबले की तैयारी में जुटी हैं। लेकिन टीम इंडिया के सामने कुछ चुनौतियाँ हैं, जो इस मुकाबले में उनके प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती हैं। आइए विस्तार से देखें चार बड़ी वजहें जिनकी वजह से टीम इंडिया मुश्किल में दिख रही है।

1. अभिषेक शर्मा की फिटनेस पर सवाल

टीम इंडिया के विस्फोटक ओपनर अभिषेक शर्मा पिछले कुछ समय से पेट की समस्या यानी स्टमक इंफेक्शन से जूझ रहे हैं। पहले मैच के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था, जिसके कारण वह नामीबिया के खिलाफ मैच नहीं खेल पाए। फिलहाल वह अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं, लेकिन टीम मैनेजमेंट उनकी वापसी को लेकर सतर्क है। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी संकेत दिए हैं कि अभिषेक शर्मा को पूरी तरह खेलने में अभी कुछ और समय लग सकता है। अगर वे पाकिस्तान के खिलाफ भी नहीं खेल पाए, तो टीम का ओपनिंग संयोजन कमजोर हो सकता है।

2. रिंकू सिंह का खराब फॉर्म

टीम इंडिया के मिडिल ऑर्डर फिनिशर रिंकू सिंह इस टूर्नामेंट में अपनी ताकत दिखाने में असफल रहे हैं। पहले मैच में उन्होंने 14 गेंदों पर सिर्फ 6 रन बनाए, और दूसरे मैच में 6 गेंदों पर केवल 1 रन ही बना पाए। रिंकू को आमतौर पर विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है, लेकिन फिलहाल उनका बल्ला खामोश है। मिडिल ऑर्डर में फिनिशिंग की जिम्मेदारी न मिलने से टीम को बड़ा नुकसान हो सकता है, खासकर पाकिस्तान जैसे मजबूत विरोधी के खिलाफ।

3. स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ कमजोरी

नामीबिया के खिलाफ मैच में भारत ने 209 रन बनाए, लेकिन मिडिल ओवरों में स्पिन गेंदबाजों के सामने भारतीय बल्लेबाज फंसते नजर आए। बर्नार्ड शोल्ट्ज और गेरहार्ड इरास्मस जैसे स्पिनरों ने महत्वपूर्ण विकेट चटकाए और टीम को रन बनाने में परेशानी हुई। पाकिस्तान के पास भी मजबूत स्पिन अटैक है और कोलंबो की पिच स्पिन के अनुकूल मानी जाती है। ऐसे में अगर टीम इंडिया मिडिल ओवरों में स्पिनरों के खिलाफ संघर्ष करती रही, तो पाकिस्तान के लिए बड़ा स्कोर बनाना आसान हो सकता है।

4. पावरप्ले में गेंदबाजी की कमजोरी

नामीबिया ने पावरप्ले में भारत के गेंदबाजों का सामना करते हुए तेज शुरुआत की थी। पहले 6 ओवर में भारत को केवल 1 विकेट पर 57 रन गंवाने पड़े। पावरप्ले में रन लुटना टीम को शुरुआती झटका देता है। पाकिस्तान के ओपनर्स आक्रामक खिलाड़ी हैं और पावरप्ले में ही उनका पलड़ा भारी हो सकता है। इसलिए टीम इंडिया के गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में नियंत्रण और रणनीति का ध्यान रखना जरूरी होगा।

टीम इंडिया के लिए संभावित समाधान

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारत इन चार प्रमुख चुनौतियों पर ध्यान दे, तो वे पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला बेहतर खेल सकते हैं।

  • अभिषेक शर्मा की वापसी और ओपनिंग संयोजन को ठीक करना।
  • रिंकू सिंह को मिडिल ऑर्डर में आत्मविश्वास दिलाना।
  • स्पिनरों के खिलाफ बल्लेबाजों की तकनीक और पिच पढ़ने की क्षमता बढ़ाना।
  • पावरप्ले में गेंदबाजी में नियंत्रण और रणनीति लागू करना।

टी20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान मुकाबले हमेशा हाई-प्रेशर वाले होते हैं। इस बार भी यह मैच दर्शकों के लिए रोमांचक होने वाला है, लेकिन टीम इंडिया की रणनीति और खिलाड़ियों का प्रदर्शन ही निर्णायक होगा।